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तीन दिन से कोर्ट में काम ठप:वकील के बहिष्कार से तहसीलदार कोर्ट का काम प्रभावित

जांजगीर25 दिन पहले
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  • नामातंरण, खाता विभाजन के 545 मामले लंबित, 290 प्रकरणों पर तहसीलदार का आदेश आना बाकी

प्रभारी तहसीलदार केके लहरे के विरोध में अधिवक्ता संघ ने उनके कोर्ट का बहिष्कार कर दिया। पिछले तीन दिनों से अधिवक्ताओं ने तहसील न्यायालय से संबंधित कोई काम नहीं किया। संघ ने तहसीलदार के बर्ताव व मनमानी की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और कलेक्टर से करते हुए हटाने की मांग की है, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है, वहीं एसडीएम सुभाष सिंह राज अधिवक्ताओं से चर्चा कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की बात कह रहे हैं।

तहसील अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों का आराेप है कि तहसीलदार केके लहरे अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यव्यहार का आरोप लगाया है। संघ ने तहसीलदार पर बिना किसी विवाद वाले नामांतरण, फौती, बंटवारा के प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखकर पक्षकारों व अनाधिकृत व्यक्तियों से मिलकर सिर्फ चुनिंदा प्रकरणों का ही निराकरण करने का भी आरोप लगाया है। शेष लंबित प्रकरणों पर उनके द्वारा विचार नहीं किया जाता है।

तहसीलदार के मनमाने रवैये के कारण कोर्ट में लंबित प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे सामान्य पक्षकारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संघ द्वारा प्रभारी मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और कलेक्टर से की गई शिकायतों में इन सभी बातों का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है।

432 प्रकरण पटवारियों की वजह से लंबित

चांपा तहसील में 432 प्रकरण पटवारियों की लेटलतीफी की वजह से लंबित है। दरअसल आदेश के बाद पटवारियों द्वारा अभिलेख दुरूस्ती का काम 10 दिवस के भीतर किया जाता है, पर उनके द्वारा अभिलेख दुरूस्त नहीं करने से यह प्रकरण लंबित है। शून्य से 10 दिवस के 84 व 10 दिवस से ज्यादा पुराने कुल 348 प्रकरण लंबित है। अधिवक्ताओं के विरोध बाद कामकाज पूरी ठप है।

तहसील न्यायालय में 545 मामले लंबित

चांपा तहसील न्यायालय में कुल 545 मामले प्रक्रिया में थे, जो अधिवक्ताओं द्वारा कामकाज बंद करने के बाद प्रभावित है। चांपा तहसील में इस वित्तीय वर्ष में कुल 35 सौ 91 आवेदन आए थे। 2 हजार 36 प्रकरणों पर नामातंरण की आवश्यकता थी। इनमें से 201 प्रकरणों पर अबतक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। 191 प्रकरणों पर सूचना प्राप्त हुए 10 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अबतक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वहीं 290 प्रकरण ऐसे है, जिनमें तहसीलदार के पास आदेश के लिए लंबित है। इनमें से 25 प्रकरणों को 31 से 60 दिन तो 120 प्रकरण 60 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है।

अधिवक्ताओं से बात करेंगे

कलेक्टर साहब आए थे, दोनों पक्षों को सुनने के बाद अधिवक्ताओं को विरोध खत्म करने की बात उन्होंने कही थी, लेकिन अभी भी अधिवक्ता काम करने को तैयार नहीं है। ऐसे में एक बार और अधिवक्ताओं से बातचीत करेंगे। ताकि तहसील न्यायालय में फिर से कामकाज सामान्य हो सके।'' -सुभाष सिंह राज, एसडीएम चांपा

​​​​​​​अनिश्चितकाल तक बहिष्कार करेंगे

सिर्फ चुनिंदा प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है, जिनमें शहर के तथाकथित भू-माफियाओं के नाम भी शामिल है। सामान्य पक्षकारों के ढेरों प्रकरण लंबित है। इतना ही नहीं अधिवक्ताओं के प्रति उनका व्यवहार भी ठीक नहीं है। इसलिए ऐसी स्थिति निर्मित हुई। यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम अनीश्चितकाल तक तहसील कोर्ट का बहिष्कार करेंगे।'' -विजय पटेल, तहसील बार एसोसिएशन चांपा

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