पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

राहत देने का प्रयास:मां-बाप खो चुके 106 छात्रों को मिलेगी फ्री शिक्षा

जशपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • महतारी दुलार योजना में अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी राज्य सरकार

कोरोना महामारी से माता-पिता या अभिभावक को खो चुके बच्चाें के पढ़ाई का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों को महतारी दुलार योजना का लाभ दिया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों में पिछले एक साल से पढ़ रहे ऐसे बच्चे उसी निजी स्कूल में या स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपनी इच्छानुसार पढ़ सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा उनके स्कूल फीस का खर्च उठाएगी।

कोरोना महामारी से मृत व्यक्तियों अथवा पालकों के ऐसे बच्चे जो शासकीय स्कूलों में पढ़ थे, उन्हें निशुल्क शिक्षा और मासिक छात्रवृत्ति देने के लिए महतारी दुलार योजना शुरू की गई है। इसमें छात्रों को पहली से 8 वीं तक 500 रुपए प्रति महीने और कक्षा 9 वीं से 12वीं तक एक हजार रुपए प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी।

प्रदेश सरकार की इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अब चिन्हांकित बच्चों की काउंसिलिंग और वेरिफिकेशन का काम शुरू होगा। हालांकि कोरोना संक्रमण से हो रही मौत और तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सर्वे का काम निरंतर जारी रखने का निर्देश प्रशासनिक अमले को दिया है। योजना में भविष्य में अनाथ हुए बच्चों को इसका लाभ दिया जाएगा।

फाइनल लिस्ट कलेक्टर के आदेश पर होगी जारी
डीईओ ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने कलेक्टर की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें कलेक्टर के साथ डीईओ,समाज व परिवार कल्याण अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से एक अधिकारी को शामिल किया है। सर्वे में चुने गए बच्चों की स्क्रीनिंग का काम कमेटी करेगी। चयनित हितग्राहियों की अंतिम सूची पर मुहर कलेक्टर लगाएंगें। योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी जिला स्तरीय कमेटी को दिया गया है। मार्च 20 में कोरोना संक्रमण के दस्तक के बाद से 220 लोगों की मौत हो चुकी है।

बच्चों की पहचान करने सभी विकासखंडों में हुआ था सर्वे
मुख्यमंत्री महतारी दुलार योजना से कुल 106 विद्यार्थियों को इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसमें शासकीय स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 27 तथा अशासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 79 है। इनमें पहली से पांचवीं तक 34 व छठवीं से 8वीं तक 26 और 9वीं से 12वीं तक 46 विद्यार्थी शामिल है। डीईओ ने बताया कि बगीचा विकासखंड में 16 विद्यार्थी योजना से लाभान्वित होंगें।

इसमें पहली से पांचवीं तक 6 विद्यार्थियों में शासकीय विद्यार्थियों की संख्या 2 एवं अशासकीय विद्यार्थी 4 है। इसी प्रकार छठवीं से आठवीं वीं तक 4 विद्यार्थियों में शासकीय विद्यार्थियों संख्या 1 एवं अशासकीय विद्यार्थी 3 है। 9 से 12 वीं तक 6 विद्यार्थियों में शासकीय विद्यार्थियों की संख्या 3 एवं अशासकीय विद्यार्थी 3 है। दुलदुला ब्लाक में 11 विद्यार्थी में से पहली से 5 वीं तक 2 विद्यार्थियों में शासकीय विद्यार्थियों की 0 एवं अशासकीय विद्यार्थी 2 है। छठवीं से आठवीं तक 2 विद्यार्थियों में शासकीय विद्यार्थियों की संख्या 0 एवं अशासकीय विद्यार्थी 2 है। 9 से 12 वीं तक 7 विद्यार्थियों में शासकीय विद्यार्थियों की संख्या 2 एवं अशासकीय विद्यार्थी 5 है।

खबरें और भी हैं...