खनिज विभाग की अनदेखी / बारिश के 4 माह नदियों से रेत खनन पर है रोक फिर भी लावा नदी में बेखौफ हो रही अवैध खुदाई

4 months of rain, sand mining is stopped from rivers, yet illegal digging in the lava river
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4 months of rain, sand mining is stopped from rivers, yet illegal digging in the lava river

  • कुजरी में ना खदान ना रेत का भंडारण फिर भी तस्कर नदी से प्रतिदिन अवैध रूप से निकाल रहे हैं सैकड़ों ट्रैक्टर रेत

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

जशपुर. जिले भर में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बरसात के चार महीने किसी भी नदी से रेत निकालने पर पूर्णत: पाबंदी होती है। इस वर्ष भी जिला प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है,पर जशपुर जिले में इसका जरा सा भी पालन नहीं हो रहा है। शहर की जीवनदायिनी लावा नदी से कुजरी ग्राम के पास प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर रेत बारिश के दौरान निकाला जा रहा है। रेत निकालने के लिए ट्रैक्टरों को नदी में घुसाया जा रहा है और नदियों की धार के भीतर से रेत निकालने का काला धंधा जाेरों पर चल रहा है। कुजरी में ना तो आवंटित रेत खदान है और ना ही यहां रेत भंडारण की अनुमति है। इसके बावजूद दिनरात रेत खनन का काम जारी है। 
भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर ग्रामीणों से पता किया तो पता चला कि नदी से रेत खनन का काम सुबह 4 बजे से ही शुरू हो जाता है। सुबह 3 बजे से गांव की सड़कों पर ट्रैक्टरों की लाइन लग जाती है। सुबह 7 बजे से पहले ही यहां रेत लेकर बड़ी संख्या ट्रैक्टर निकल चुके होते हैं। दोपहर में कम संख्या में ट्रैक्टर पहुंचते हैं। 

ये हैं कार्रवाई के लिए जिम्मेदार 
अवैध रेत खनन के मामले में कार्रवाई का अधिकारी खनिज अधिकारी के साथ-साथ एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस को भी होता है। समय-समय पर कार्रवाई भी होती है। बावजूद इसके अवैध खनन के काम में कोई कमी नहीं है। अवैध खनन के मामले में खनिज विभाग द्वारा रॉयल्टी काटी जाती है। ट्रैक्टर चालक कार्रवाई होने पर जुर्माना भरते हैं और फिर से इस काम में लिप्त हो जाते हैं। 

महत्व : शहरवासियों की प्यास बुझाती है लावा नदी 
शहर में पानी की सप्लाई लावा नदी से होती है। शहर से 17 किमी दूर डूमरटोली ग्राम के पास एनिकट व इंटकवेल बनाया गया है। जहां से पाइप लाइन के जरिए पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जाता है और यहां से पूरे शहर में सप्लाई होती है। कुजरी में जिस स्थान पर रेत खनन हो रहा है वह प्लांट से उपर है। हर साल अवैध रेत खनन के कारण नदी की दिशा में बदल जाती है। बीते साल कम बारिश के कारण नदी की धार लावा प्लांट में इंटकवेल के काफी दूर हो गई थी। एनिकट में भी पर्याप्त पानी नहीं भर पाया था। ऐसी दशा में नगरपालिका को मोटर लगाकर नदी के पानी को इंटकवेल तक पहुंचाया जा रहा है।

ट्रैक्टराें की आवाजाही से सड़क हो रही है खराब
ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही के कारण कुजरी जाने वाली पीएमजीएसवाई की पक्की सड़क भी उखड़ चुकी है। नदी वाला रास्ता कीचड़ से ऐसा भर चुका है कि कोई बाइक से भी इस रास्ते पर नहीं चल सकता है। रेत निकालने का काम जिन माफियाओं द्वारा किया जाता है वे कुजरी गांव पर अपनी पूरी पैठ जमाकर बैठे हैं। इस गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने की खबर तत्काल माफियाओं को लग जाती है और वे चारपहिया गाड़ियों में भरकर पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि रेत के इस अवैध खनन  वाले स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई करना अकेले खनिज अफसरों के बस में भी नहीं है। अवैध रेत खनन की यह ग्राउंड रिपोर्ट सिर्फ एक स्थान की है। जिले भर में ऐसे अनेक अवैध रेत खदान संचालित हो रहे हैं।

अवैध खुदाई से पंचायत का हो रहा नुकसान 
नदी से रेत के अवैध खनन से पंचायत को कोई फायदा नहीं हाेता है। पंचायतों द्वारा उन्हीं रेत खदानों से रॉयल्टी वसूला जाता है जिस रेत खदान की अनुमति खनिज विभाग से प्राप्त हो। मतलब सिर्फ कुजरी के पास लावा से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर रेत से सिर्फ और सिर्फ रेत माफिया और ट्रैक्टर मालिक मालामाल हो रहे हैं।
बारिश का बहाना बनाकर  अब दोगुना दाम वसूल रहे   
हाल ही में प्रशासन द्वारा जिले में दो नए रेत भंडारण की अनुमति दी गई है। भंडारित रेत की रॉयल्टी काटी जाती है। इसलिए एक नंबर के रेत की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है। जिसका सीधा लाभ अवैध खनन कर रेत बेचने वाले उठा रहे हैं। अवैध खनन कर रेत बेचने वाले भी उसी दर पर रेत बेच रहे हैं जिस दर में रॉयल्टी पटाने के बाद बेचा जाता है। पहले जो रेत 800 से 900 रुपए ट्रैक्टर की दर पर लोगों को मिल रहा था वह अब 1800 रुपए ट्रैक्टर हो चुका है।

जिले में इन जगहों पर ही रेत खुदाई की है अनुमति 

  • कांसाबेल- मैनी नदी, ग्राम टांगरगांव के पास, पट्‌टेदार हैप्पी अग्रवाल 
  • दुलदुला- सिरी नदी दुलदुला, पट्‌टेदार-अमित अग्रवाल
  • मनोरा- टैंपू, लावा नदी, पट्‌टेदार- शंभुनाथ 
  • मनोरा- गोरियाटोली, चड़िया, लावा नदी, पट्‌टेदार- किशन अग्रवाल

सिर्फ दो जगह रेत स्टोर करने की दी है अनुमति

  • ग्राम गम्हरिया, जशपुर
  • ग्राम झरगांव, जशपुर

तस्करों पर समय-समय पर होती है कार्रवाई 
"अवैध रेत खनन के मामले में विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है। बरसात में नदियों से रेत खनन पर प्रतिबंध है। जिले में चार खदानें व दो भंडारण स्थल की अनुमति विभाग से दी गई है।''
-योगेश साहू, जिला खनिज अधिकारी। 

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