यम द्वितीया:भाइयों को गालियां दे जीभ में चुभोए कांटे

जशपुर25 दिन पहले
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शहर के भाईदूज का त्यौहार बिहार व झारखंड की परंपरा के अनुसार मनता है। बहनों ने भाईयों के लिए सुबह से व्रत रखकर पूजा की। पूजा के दौरान बहनों ने भाइयों को गालियां दी उसके बाद प्रायश्चित करने अपनी जीभ पर कांटे चुभोए। पूजा के दौरान मूसल से यम पर बहनों ने प्रहार किया। इसके अलावा बहनों ने अपने भाईयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई में रक्षासूत्र बांधा और चना, मिश्री व सुपाड़ी खिलाया। बदले में भाईयों ने बहनों की रक्षा का वचन दिया और उन्हें उपहार दिया।

मृत्यु के देवता यम की होती है पूजा - शास्त्रों के अनुसार भाई दूज या भैया दूज को यम द्वितीया भी कहते हैं और इस दिन मृत्यु के देवता यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन बहनें भाई को तिलक लगाकर उन्हें लंबी उम्र का आर्शीवाद देती हैं। ब्रजमंडल में इस दिन बहनें यमुना नदी में खड़े होकर भाईयों को तिलक लगाती हैं।

इसके पीछे एक पौराणिक कथा है जिसके अनुसार इस दिन भगवान यमराज ने अपनी बहन यमुना को दर्शन दिया था जो बहुत दिनों से उनसे मिलने के लिए व्याकुल थी। अपने घर भाई के आगमन से यमुना बहुत खुश हुईं और भाई का स्वागत किया।

जाते समय यमराज ने यमुना को वरदान दिया कि इस दिन जो भी भाई बहन के घर जाकर उससे तिलक लगवाएगा और उसके हाथों का बना भोजन खाएगा उसकी आयु बढ़ेगी और उसे यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। तभी से भाई दूज मनाने की प्रथा की शुरूआत हुई।

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