पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गाेधन न्याय योजना की समीक्ष्रा बैठक में दिए गए निर्देश:कलेक्टर ने कहा कि खाली टांकों के अनुसार खरीदेंगे गोबर

जशपुर19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अधिकारियों से कहा-समूहों की भी बढ़े इनकम

कलेक्टर महादेव कावरे ने मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से गोधन न्याय योजना की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने गौठानवार खाद उत्पादन के संबंध में जानकारी लेते हुए खाद निर्माण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत केएस मण्डावी, समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ, गौठानों के नोडल अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण वर्चुअली बैठक से जुड़े थे।

कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण व नगरीय निकाय के गौठानों में जैविक खाद व सुपर कम्पोस्ट खाद उत्पादन की स्थिति की जानकारी लेते हुए खाद निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने नगरीय क्षेत्र के गौठानों में खाद उत्पादन अपेक्षाकृत कम होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सभी सीएमओ प्राथमिकता से खाद उत्पादन के कार्य में रूचि लेकर तेजी लाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार श्रम शक्ति बढ़ाएं जिससे खाद निर्माण के कार्य में प्रगति आ सके। उन्होंने निमित्त खाद की छनाई पैकेजिंग कार्य भी शीघ्रता से करने कहा। साथ ही सुपर कम्पोस्ट खाद के निर्माण कार्य में भी में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। इस हेतु उन्होंने गोठान से जुड़े सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गौठानों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने गौठानों में निमित्त खाद का पोर्टल में प्राथमिकता से नियमित एंट्री करने की बात कही, जिससे जिले में उत्पादित खाद की वास्तविक जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही ग्रामीण, किसानों को जैविक खाद उपलब्ध हो सके इस हेतु सभी सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरक के साथ-साथ जैविक खाद की भी उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा।

प्राथमिकता के आधार पर हो नेपियर घास व मक्का, बाजरा की खेती
कलेक्टर ने डीडी वेटनरी को चारागाह विकास कार्य में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। चारागाहों में नेपियर घास, मक्का, बाजरा सहित अन्य फसलों की खेती प्राथमिकता से करने की बात कही। उन्होंने वन विभाग के आवर्ती चराई के गोठान में भी समिति का गठन करने हेतु प्रस्ताव देने कहा। इस दौरान कलेक्टर ने जिले के स्वावलंबी गोठान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गोठान को स्वावलंबी बनाने के लिए सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है। गौठानों को स्वावलंबी बनाने से ही महिलाएं आत्मनिर्भर बन पायेंगी। इस हेतु उन्होंने गोठान से जुड़ी महिला समूह को खाद निर्माण के अतिरिक्त अन्य विभिन्न आजीविका संवर्धन गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

खराब न हा़े गोबर और महिला समूहों को मिले लाभ
कलेक्टर ने गौठानों में गोबर खरीदी प्रारंभ करने के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि गौठानों में खाली टांकों के अनुरूप गोबर खरीदी किया जाए। जिससे बारिश के दौरान गोबर खराब न हो। साथ ही समय पर खाद का पुन उत्पादन किया जा सके। उन्होंने कहा कि खाद का निर्माण गुणवत्तापूर्वक किया जाए। इससे किसानों को बेहतर खाद मिले और समिति को भी खाद विक्रय करने में किसी प्रकार की दिक्कत न होे। उन्होंने विक्रय की गई खाद की राशि को गोठान समिति एवं महिला समूह के मध्य वितरित करने के निर्देश दिए। जिससे महिला समूह को आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। साथ ही भुगतान से संबंधित सभी प्रकरणों का बैंकों से समन्वय कर जल्द से जल्द निराकरण करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

खबरें और भी हैं...