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हाथी के रहवास क्षेत्र पर भी राजनीति:हाथी रिजर्व क्षेत्र घटाने पर कांग्रेसी विधायक ने भी जताई आपत्ति

जशपुर18 दिन पहले
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  • रिजर्व क्षेत्र को 1995 से 450 वर्ग किमी में सीमित करने लिखे गए पत्र से जिले की पॉलिटिक्स गरमाई

हसदेव और मांड नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को मंजूरी और प्रस्तावित लेमरु हाथी रिजर्व का क्षेत्रफल छोटा करने के प्रस्ताव पर कांग्रेस में ही विरोध शुरू हो गया है। धर्मजयगढ़ से कांग्रेस विधायक लालजीत सिंह राठिया ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर पूरे जलग्रहण क्षेत्र को हाथी रिजर्व बनाने की मांग की।

उन्होंने पत्र में राहुल गांधी के वादों हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से इस पर कदम उठाने की मांग की। कांग्रेस विधायक ने लिखा है कि क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष पहले से ही गंभीर स्थिति में है। क्षेत्र में अधिक कोयला खदान खुलने से हाथी समूह अधिक उग्र होकर गांवों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया था कि कांग्रेस ऐसा कोई काम नहीं करेगी, जिससे हाथी के साथ संघर्ष बढ़े।

अगस्त 2019 में राज्य मंत्रिपरिषद ने 1995.48 वर्ग किमी क्षेत्र में लेमरू हाथी रिजर्व बनाने का प्रस्ताव किया था। इस बीच हसदेव नदी के जल ग्रहण क्षेत्र और जैव विविधता बचाने के नाम पर इसके विस्तार का प्रस्ताव बना।

तय हुआ कि इसे 3 हजार 827 वर्ग किमी कर दिया जाए। हाथी रिजर्व में जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर और कोरबा जिले का बड़ा हिस्सा आ रहा था। अब वन विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, लैलुंगा विधायक चक्रधर सिंह सिदार, भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो, मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, लुण्ड्रा विधायक डॉ. प्रीतम राम, कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर, कुनकुरी विधायक यूडी मिंज और कोरबा विधायक मोहित राम ने लेमरू हाथी रिजर्व को 450 वर्ग किमी तक सीमित करने का अनुरोध किया है। ऐसे में विभाग ने फैसला किया है, लेमरू हाथी रिजर्व का क्षेत्रफल 450 वर्ग किमी करने और उसकी सीमाओं के निर्धारण का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाए।

गणेश राम भगत पहले ही जता चुके हैं विरोध

कॉरिडोर विवाद ने जशपुर जिले में राजनीति गर्मा गई है। अखिल भारतीय जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने कहा कि जशपुर जिले को पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की मांग वर्षो से स्थानीय नागरिक करते आ रहे है। इस पर मंत्रालय ने करोड़ों की लागत से सरना रिसोर्ट का निर्माण भी किया है, जिससे देश विदेश के पर्यटक जशपुर पहुंचकर जशपुर की प्रकृति और संस्कृति का दर्शन कर सकें, किन्तु विधायक यूडी मिंज एक तरफ तो जशपुर को पर्यटन स्थल बनाने की मांग कर रहे वहीं दूसरी ओर लेमरू हाथी रिजर्व की सीमा को कम करने सीएम को पत्र लिख रहे।

एलिफेंट कॉरिडोर का इलाका 80% कम करने का प्रस्ताव

सरगुजा क्षेत्र के विधायकों ने हाथी रिजर्व का क्षेत्रफल 1995 वर्ग किलोमीटर की जगह मात्र 450 वर्ग किमी तक सीमित करने की मांग की है। यानी करीब 80 फीसदी एरिया कम होगा। वन विभाग ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक से इसमें संबंध में प्रस्ताव ही मांग लिया है। अब इसे अगली कैबिनेट में रखने की तैयारी है। इस पर पहले ही गणेशराम भगत अपना विरोध जता चुके हैं।

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