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17 करोड़ की जल आवर्धन योजना:चार पानी टंकी नहीं बना पाए इसलिए शहर को नहीं मिल रहा पानी

जशपुर18 दिन पहले
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  • हाउसिंग बाेर्ड कॉलोनी, बरटोली, बांकीटोली व दरबारीटोली में नहीं आ रहा नलों में पर्याप्त पानी

शहरवासियों को नल से पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए चार साल पहले ही 17 करोड़ की लागत से बने नई जलावर्धन योजना को शुरू किया गया है। इसके बावजूद शहर के दरबारीटोली, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बांकीटोली, भागलपुर सहित अन्य कई इलाकों में लोगों को नलों से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पालिका के अफसरों का कहना है कि लावा नदी से शहर के फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए पहले से अधिक क्षमता की नई पाइप लाइन बिछी है। इसके अलावा पूरे शहर में नई पाइपलाइन के जरिए सप्लाई की जा रही है। पानी पर्याप्त है पर स्टोरेज क्षमता ही कम है।

लोगों को नल से पर्याप्त पानी मिले इसके लिए शहर में चार नए पानी टंकी की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए करीब 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पालिका द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग को भेजा गया है। पर प्रस्ताव भेजे जाने के लिए छह माह बाद भी इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है। वर्तमान में शहर में छह पानी टंकी है जहां पानी स्टोर किया जा रहा है। पहली टंकी फिल्टर प्लांट, दूसरी सरनाटोली, तीसरी टंकी कदमटोली, चौथी टंकी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पांचवीं टंकी खजांचीटोली व छठवीं टंकी दरबारीटोली में बनी है। इन पांच टंकियों में से दो टंकी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और दरबारीटोली की टंकी जर्जर है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की टंकी से दिनभर पानी का रिसाव होता रहता है और राेजाना हजारों लीटर पानी बहकर बर्बाद होता है। पालिका के कर्मचारियों की मुताबिक टंकी की बनावट ऐसी होती है कि उसमें रिपेयरिंग ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती है। हाल ही में क्षतिग्रस्त टंकियों की मरम्मत की गई थी। पर बरसात आते ही फिर से समस्या आने लगी है।

रोजाना 500 से 700 लीटर सप्लाई का दावा
शहर में 3700 नल कनेक्शन हैं जहां रोजाना पानी की सप्लाई की जा रही है। पालिका का दावा है कि उनके द्वारा रोजाना 500 से 700 लीटर पानी दिया जा रहा है। जबकि अलग-अलग इलाकों में पानी की सप्लाई अलग-अलग है। करबला रोड एरिया में रोजाना करीब 40 मिनट तक नल से पानी मिलता है। जब कोई समस्या आती है तो 30 मिनट ही पानी मिल पाता है। कॉलेज रोड व तेलीटोली एरिया में करीब 35 से 45 मिनट तक लाेगों को नल से पानी मिल रहा है।

इन जगहों पर चाहिए नई पानी टंकी
शहर के बरटोली भागलपुर, खजांचीटोली, सरनाटोली और बांकीटोली में नई टंकी की जरूरत महसूस की जा रही है। यहां मध्यम आकार की टंकी बनाई जानी है। ताकि पानी यहां स्टोर हो सके। शहर में कई वार्ड उपर टीले में हैं तो कई गड्‌ढ़ों में ढ़ालू जगह पर बसे हैं। इसलिए एक बड़ी टंकी से सभी इलाकों में पानी की समुचित सप्लाई करने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

28 लाख जल कर बकाया
जलापूर्ति व्यवस्था को दुरूस्त बनाए रखने के लिए जलकर के रूप में भी पालिका को पर्याप्त पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। लगभग 28 लाख रुपए का जलकर बकाया है, जिसकी वसूली नहीं हो पा रही है। पालिका की टीम घर-घर जाकर लोगों से जलकर की वसूली का अभियान चलाएगी। क्योंकि बरसात के दिनों में साफ पानी की सप्लाई में तीन गुना खर्च हो रहा है। लावा नदी से बरसात के दिनों में अधिकांश दिन मटमैला पानी आता है। जिसे साफ करने के लिए अधिक मात्रा में ब्लिचिंग, एलम, चूना व क्लोरीन का उपयेाग हो रहा है। इन सामग्रियों के दाम भी बढ़ गए हैं। जलकर की राशि वर्तमान में सामान्य परिवारों से प्रतिमाह 180 रुपए और बीपीएल परिवारों से 80 रुपए वसूल किए जाते हैं।

पानी स्टोरेज की समस्या
नई जलावर्धन योजना के तहत लावा नदी में ग्राम डूमरटोली में नई एनिकट व इंटकवेल का निर्माण किया गया है। एनिकट बन जाने के कारण अब साल के बारहों महीने नदी के पानी को रोककर शहर के लिए पर्याप्त पानी यहां से पहुंचाया जा सकता है। प्लांट में तीन मोटर लगे हैं। नदी से फिल्टर प्लांट के लिए नई पाइप लाइन बिछी है। इसके अलावा शहर के सभी इलाकों में नई मेन पाइन का विस्तार किया जा चुका है। वर्ष 2017 में बनकर तैयार हुई इस परियाेजना का उद्देश्य वर्ष 2040 तक शहर को पर्याप्त पानी मुहैया कराना है। लावा नदी से शहर तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जा सकता है, इतनी क्षमता नई योजना में है पर स्टोरेज क्षमता की कमी के कारण लोग अभी भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं।

चार नई टंकियों के लिए भेजा गया है प्रस्ताव
शहर के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए सभी संसाधन मौजूद हैं पर स्टोरेज की समस्या बनी हुई है। चार नई पानी टंकी के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यदि नई टंकियों का निर्माण हो जाता है तो सभी इलाकों में पर्याप्त पानी की सप्लाई की जा सकेगी। जो टंकियां क्षतिग्रस्त थीं उनकी मरम्मत कर दी गई है।
-बसंत बुनकर, सीएमओ, नगरपालिका।

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