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लापरवाही:नलजल योजना की पानी टंकी में आई दरार रोजाना व्यर्थ में बह रहा हजारों लीटर पानी

जशपुर9 महीने पहले
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  • दो पंचायतों में सालों से उपयोग नहीं होने के कारण शो पीस बनकर रह गई पानी का टंकी

एक ओर पानी बचाने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर प्रचार प्रसार कर रही है, वही दूसरी और हजारों लीटर पानी व्यर्थ में बर्बाद हो जा रहा है। नल जल योजना के तहत फरसाबहार के ग्राम पंचायत सिंगीबहार में लाखों रुपए की लागत से बनी पानी टंकी में दरार आने से राेज हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। सिंगीबहार में नलजल योजना के लिए बनी टंकी की स्थिति जर्जर हो चुकी है। इसकी सुध लेने का समय न तो विभाग को है और न ही ग्राम पंचायत के पास है। इससे टंकी के नीचे निवास कर रहे ग्रामीणों की हमेशा जान पर बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया की पानी टंकी में दरार निर्माण समय से ही है, जिसे विभाग के कर्मचारियों ने अनदेखी कर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया था। विभाग के कर्मचारी द्वारा कहा गया था की दरार की मरम्मत जल्द ही करा दी जाएगी। पानी टंकी की कई बार निरीक्षण के लिए आए विभाग के कर्मचारियों को सूचना देने के बाद भी आज तक टंकी की मरम्मत नहीं कराई गई है। वहीं पानी को साफ रखने के लिए उसकी सफाईकर दवा भी नहीं डाली जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की किल्लत है, इसलिए गांव के कई परिवार दूषित पानी का उपयोग करने के लिए मजबूर हैं। इससे कभी भी गांव में संक्रामक बीमारी फैल सकती है।

हाउसिंग बोर्ड का पानी टंकी भी हुआ जर्जर
जिला मुख्यालय में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनीवासियों के लिए पानी टंकी बनाने का काम शुरू किया गया है। टंकी से ही हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोगों को पानी की सप्लाई की जाती है, पर यह टंकी जर्जर हो चुकी है। पानी टंकी में दरार आ जाने से प्रतिदिन टंकी से हजारों लीटर पानी व्यर्थ में बहकर बर्बाद हो जाता है। बताया जाता है कि इस टंकी को भरने के लिए दिन भी बोर चला कर पानी भरा जाता है और जैसे ही इस बोर को बंद किया जाता है वैसे ही पानी टंकी से पानी बहकर पूरी तरह से खाली हो जाता है। पानी बहते रहने के कारण टंकी इतना जर्जर हो चूका है कि कभी भी ये पानी टंकी गिर सकता है।

विभाग का रिकॉर्ड भी अब तक अपडेट नहीं
नलजल योजना की टंकियां लंबे अर्से से शो पीस बनी हुई है। सरकारी रिकॉर्ड में टंकियों की संख्या 7 बताई जा रही है पर जमीनी हकीकत में संख्या ज्यादा है। लोदाम क्षेत्र के ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए दो टंकियां बनाई गई है, पर दोनों ही टंकी लोदाम के लिए वर्षों से शो पीस बन गई है। लोदाम क्षेत्र के 5 हजार लोगों को नलजल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोदाम की तरह ही शहर से लग घोलेंग और सारुडीह में भी टंकी बनाई गई है पर दोनों स्थानों पर टंकी बनने के बाद जल स्त्रोत नहीं मिलने से लोगों को उससे पानी नहीं मिल रहा है। सारूडीह में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है।

15 हजार रु. से सरपंच टंकी की मरम्मत करा सकता है
"पानी टंकी का निर्माण कराने के बाद उसे ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिया है। हैंडओवर करने के साथ ही उन्हें प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया जाता है। अनुदान में मिले रुपए से वे टंकी की मरम्मत करा सकते हैं। लोदाम और घोलेंग में तकनीकी कारणों से पानी टंकी का उपयोग नहीं हो रहा है।''
-वीके उरमलिया, कार्यपालन अभियंता, पीएचई जशपुर

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