जज्बा / 75 वर्ष की उम्र में भी पौधे लगाने व उसकी रक्षा का है जुनून

Even at the age of 75, passion is to plant and protect it
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Even at the age of 75, passion is to plant and protect it

  • पर्यावरण विद् शिवानंद मिश्रा ने 55 वर्षों में 1 लाख 20 हजार पौधे लगाए, जिसमें अधिकांश अब राहगीरों को दे रहे फल और छाया

दैनिक भास्कर

Jun 05, 2020, 04:00 AM IST

जशपुर. पौधा लगना जितना आसान है, उतना ही उसका जतन कर बड़ा करना मुश्किल 75 के उम्र में भी शिवानंद मिश्रा भी उनका पौधों से प्रेम कम नहीं हुआ है। सुबह हो या शाम पौधा लगाने के बाद उनकी सुरक्षा का दायित्व स्वयं संभालते हैं। पर्यावरण संरक्षण के जुनून में अब तक वे 1 लाख 20 हजार  से भी अधिक पौधे रोप चुके हैं, जिसमें अधिकांश बड़े हो चुके हैं। 
पिछले वर्ष ही जशपुर नगर में ही 1 हजार पौधे रोपे थे जिसकी अब वे सुबह शाम निगरानी करते नजर आते हैं। जशपुर के शिवानंद मिश्रा ऐसे है जिसने अपना जीवन प्रकृति के लिए समर्पित कर दिया है। वे पिछले 55 वर्षों से वृक्ष लगाने का कार्य कर रहे हैं और लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की धुन में लगे हुए हैं। अब उन्हें जिले के लोग वृक्ष मित्र के नाम से भी जानने लगे हैं। 
सेवानिवृत्त शिक्षक शिवानंद मिश्रा 1965 से वृक्ष लगाने का काम कर रहे हैं। शिक्षकीय कार्य के दौरान  शिष्यों को भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते रहे और उन्हें वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करते रहे। शिक्षकीय कार्य से मुक्त होने के बावजूद भी वह धुन में आज भी लगा हुए हैं। इस क्षेत्र में उन्हें जिला स्तर एवं प्रदेश स्तर पर कई पुरस्कारों से नवाजा गया है। शिवानंद मिश्रा ने बताया कि जीवन दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। बिना वन के निरर्थक है। उनका मानना है जी-वन दोनो एक सिक्के के दो पहलू है और एक के बिना दूसरा अधूरा है। इसी जीवन के अर्थ से प्रेरणा लेते हुए 1965 से लेकर चल रहा उनका अभियान आज तक नही रुका है। 
उनके द्वारा अब तक एक लाख से भी अधिक पौधरोपण जिले के विभिन्न भागों में शहर के कई क्षेत्रों में किया गया है। अब वे पौधे वृक्ष की शक्ल ले चुके है। जशपुर से बालाछापर तक 10 किलोमीटर सड़क के दोनो ओर, बीईओ कार्यालय,एनईएस कालेज रोड, सन्ना रोड, मुक्तिधाम सहित कई गांव के सरना स्थल पर लगाए पेड़ आज भी उनके पर्यावरण का संदेश देते हुए लोगों को छाया प्रदान कर रहे है। 

जन्म दिन, शादी की वर्षगांठ पर भेंट करते हैं पीपल और बरगद के पौधे
इन दिनों विलुप्त हो रहे बरगद और पीपल के पेड़ों को संरक्षित करने का बीड़ा उठाया है  पर्यावरणविद शिवानंद मिश्रा ने बताया कि इन पेड़ों को संरक्षित करने के लिए उन्होंने खंडहर समेत अन्य जगहों पर उग आए पीपल और बरगद के सौ से भी अधिक पौधों को एकत्र किया है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की है कि वे अपने पुरखों के स्मरण, शादी, जन्मदिन जैसे अन्य महत्वपूर्ण अवसर के याद को चिर स्मरणीय बनाए रखने के लिए पौधों का रोपण कर देखभाल की जिम्मेदारी ले। उनके द्वारा अपने चिर परिचितों को उनके जन्म दिन या शादी के वर्षगांठ में पीपल और बरगद के पौधे भेट स्वरूप देते हैं। श्री मिश्रा ने बताया कि बरगद और पीपल के वृक्ष पर्यावरण के सबसे अच्छे मित्र है।

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