जिला अस्पताल का ये हाल:भगवान भरोसे हैं मरीज, यहां जरूरत पर नहीं मिलते डॉक्टर

जशपुर2 महीने पहले
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  • डॉक्टरों की ड्यूटी पर गंभीर नहीं है विभाग

जिला अस्पताल में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने और दोष सिद्ध हो जाने के बाद भी जिला अस्पताल के डॉक्टरों का गैर जिम्मेदाराना रवैया बरकरार है। अस्पताल के डॉक्टर अपने ड्यूटी को लेकर गंभीर नहीं है और अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं। अस्पताल में बने आपातकालीन वार्ड की स्थिति बदहाल हो चुकी है। इस वार्ड में समय पर डॉक्टर नहीं मिलते हैं।

इमरजेंसी में मरीज लेकर आने वाले परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीज को लेकर आने के बाद इमरजेंसी वार्ड में ड्यटीरत डॉक्टर को खोजना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला शनिवार की दोपहर लगभग 3 बजे जिला अस्पताल में सामने आया है। शनिवार को जशपुर निवासी एक महिला को अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया जहां आपातकालीन वार्ड खाली था। वार्ड में कोई जिम्मेदार चिकित्सक मौजूद नहीं थे। परिजनों ने जब वार्ड में डुयूटीरत स्टाफ से डॉक्टर के संबंध में जानकारी मांगी तो उसने बताया कि डॉक्टर अपने घर खाना खाने के लिए चली गई है कुछ देर में वह आ जाएंगी।

यह सुनकर मरीज के परिजनों ने तत्काल इस संबंध में कलेक्टर महादेव कावरे एवं सीएमएचओ डॉ. पी सुथार को इस संबंध में सूचना दे दी। कलेक्टर को सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को फोन कर वार्ड में डॉक्टर को भेजने का निर्देश भी दे दिए थे। कलेक्टर के निर्देश के बाद भी मौके पर डॉक्टर नहीं पंहुची थी। मरीज को लेकर पहंुचे परिजन 15 मिनट तक अस्पताल में डॉक्टर को ही खोजते रह गए। लेकिन डॉक्टर अपने घर से खाना खाने के बाद ही अस्पताल में पंहुची।

महिला कर्मचारी भी नहीं - महिला मरीज को लेकर जिस समय उनके परिजन अस्पताल में पंहुचे उस समय वार्ड में ना तो डॉक्टर थी और ना ही कोई महिला स्टाप नर्स की ड्यूटी लगाई थी। वार्ड में डॉक्टर के नदारत मिलने पर परिजनों ने डॉ.सुथार को फोन कर मरीज की स्थिति के संबंध में अवगत कराया तो तत्काल मरीज का ईसीजी कराने के बात कही।

आए दिन दिखती है ऐसी लापरवाही
जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में जिस डॉक्टर की ड्युटी लगाई जाती है उस डॉक्टर को अपने ड्यूटी के दौरान वार्ड में ही रहने का नियम है। यदि वे वार्ड में नहीं है तो वार्ड के बगल में बने हुए डॉक्टर रुम में रहना होता है। लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टर इन दिनों अपनी मनमानी करने में लगे हुए है। आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी होने के बावजूद भी अपने ड्युटी से नदारत रहते हैं। आपातकालीन स्थिति में मरीज को अस्पताल लेकर पहुँचने वाले लोगों को डॉक्टर की तलाश करनी पड़ती है। डॉक्टरों का आपातकालीन वार्ड में लेकर बरती जा रही लापरवाही के कारण किसी दिन कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती है।

व्यवस्था में सुधार करने का कर रहे हैं प्रयास
आपातकालीन वार्ड में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती है उनकी ड्युटी 12-12 घंटे की लगती है इसलिए थोड़ी दिक्कतें आ रही है। व्यवस्था में सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों की 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिसके बाद व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
-डा.आरएन केरकेट्‌टा, सीएस जिला अस्पताल

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