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92 दिन बाद शहर में संंक्रमितों की संख्या 0:14 केयर सेंटरों में से 10 में मरीजों की संख्या भी अब शून्य

जशपुरएक महीने पहले
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  • सतर्कता जरूरी; अभी कोरोना हमारे बीच रहेगा, बचाव के लिए गाइडलाइन मानने की सलाह दे रहे विशेषज्ञ

जिले में कोरोना के नए संक्रमितों की संख्या घटने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। गुरुवार को 92 दिन बाद जशपुर शहर में नए संक्रमितों की संख्या शून्य हुई है। दूसरी लहर में 12मार्च से शहर में नए मरीज मिलने शुरू हुए थे। भागलपुर में एक साथ 5 नए मरीज मिलने से दूसरी लहर का डर सबको सताने लगा था।

इसके बाद से लगातार जिले में नए संक्रमित केस की संख्या बढ़ती रही और रोजाना शहर में भी नए केस सामने आ रहे थे। अप्रैल व मई के महीने में रोजाना 50 से ज्यादा नए मरीज जशपुर शहर से सामने आ रहे थे। जांच कराने वालों की संख्या बढ़ने से एमसीएच के सामने फीवर क्लीनिक के अलावा जिला अस्पताल की गेट के पास भी कोरोना की टेस्टिंग शुरू की गई थी। टेस्टिंग में रोजाना नए मरीज मिल रहे थे लेकिन पूरे 92 दिन बाद गुरुवार को जितने लेागों की जांच हुई, उसमें एक व्यक्ति की रिपोर्ट भी पॉजिटिव नहीं आई है। ना सिर्फ जशपुर बल्कि जिले के लोदाम, मनोरा व दुलदुला विकासखंड में भी नए संक्रमितों की संख्या शून्य रही। गुरुवार को नए केस में बगीचा से 4, कुनकुरी से 2, कांसाबेल से 4,फरसाबहार से 5 और पत्थलगांव से 4 नए मरीज मिले।

अब हॉस्पिटल के 36 बेड पर मरीज
कोरोना मरीजों काे भर्ती कर इलाज के लिए जिले में ईसीटीसी कोविड हॉस्पिटल, दो निजी हॉस्पिटल के साथ 14 केयर सेंटर बनाए गए थे। इन सभी में 1270 बेड की व्यवस्था की गई थी। फिलहाल सिर्फ 36 बेड पर मरीज हैं। लाइवलीहुड केयर सेंटर 200 बेड, शासकीय कॉलेज दुलदुला 200 बेड, बालक छात्रावास सलियाटोली 35 बेड, कन्या छात्रावास कांसाबेल 71 बेड, शासकीय कॉलेज पत्थलगांव 80 बेड, डीएवी स्कूल बगीचा 150 बेड, कन्या छात्रावास लोदाम 50 बेड, कन्या छात्रावास कोतबा 20 बेड, कन्या छात्रावास मनोरा 34 बेड और मॉडल हॉस्टल जशपुर 70 बेड केयर सेंटर पूरी तरह से खाली हो चुके हैं।

एक्सपर्ट से जानिए भविष्य में कैसे बच सकते हैं कोरोना से; डॉ. पी. सुथार, सीएमएचओ, जशपुर

  • बचाव का व्यवहार बनाकर रखें - केस कम होने के बाद भी कोरोना से बचाव के प्रति जो बिहेवियर बना हुआ है उसे कायम रखें। घर से निकलते वक्त मास्क का उपयोग, हाथ साबुन से धोना, सैनिटाइजर का उपयाेग व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जारी रखें।
  • इम्युनिटी बनाकर रखें- शरीर की इम्युनिटी बनी रहे इसपर विशेष ध्यान दें। पोषण युक्त आहार लें, एक्सरसाइज व योगा को दिनचर्या में शामिल करें और इम्युनिटी बूस्टर का उपयोग करते रहें।
  • कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं - कोरोना कहीं गया नहीं हमारे बीच ही है। इसलिए सर्दी-खांसी, बुखार, दस्त या कोई भी लक्षण दिखे तो तत्काल कोरोना जांच कराएं। समय पर जांच कराकर दवाइयां ले लेने से गंभीर स्थिति निर्मित नहीं होगी।
  • टीकाकरण सबसे ज्यादा जरूरी - कोरेाना से बचाव के लिए सुरक्षा कवच का काम वैक्सीन कर रही है। इसलिए वैक्सीन सभी जरूर लगवाएं। क्योंकि अब वायरस का असर बगैर वैक्सीनेशन वाले शरीर पर ज्यादा पड़ेगा। दोनों डोज लगवाना अनिवार्य है।
  • बच्चों को बचाकर रखें - 18 साल से ऊपर वालों के लिए तो वैक्सीन है पर उससे कम वालों के लिए वैक्सीन अभी नहीं आई है। इसलिए खतरा अब बच्चों को ज्यादा है। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा होने की बात इसलिए कही जा रही है। बच्चों को भीड़-भाड़ वाली जगह से बचाकर रखें।

यह ठीक नहीं : केस कम हुए तो लोग बरतने लगे लापरवाही
केस घटे शहर अनलॉक हो चुका है। दुकानें सुबह 9 से रात 8 बजे तक खुल रही हैं। इधर केस में कमी से लोग बेपरवाह भी हो रहे हैं, जिससे फिर से संक्रमण बढ़ने का खतरा है। बरसात में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर पा रहे हैं। बारिश से बचने के लिए लोग दुकान की छज्जों के नीचे एक स्थान पर सटकर खड़े नजर आते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। कई लोगों ने तो मास्क का उपयोग तक बंद कर दिया है।

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