पर्व:11 मार्च को महाशिवरात्रि पर श्रीवत्स नाम का शुभ योग, चंद्र और बुध राशि का होगा घर परिवर्तन

जशपुर9 महीने पहले
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  • जिले भर के शिवालयों में महाशिवरात्रि की तैयारी शुरू, बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद

गुरुवार 11 फरवरी को महाशिवरात्रि है। इस उत्सव पर शिवलिंग के दर्शन करने और पूजा करने से मन शांत होता है। इस बार शिवरात्रि पर श्रीवत्स नाम का शुभ योग बन रहा है। बगीचा के कैलाश गुफा में 50 हजार से अधिक श्रद्घालुओं की कतार सुबह 4 बजे से ही देखने को मिलती है। पिछले बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए शिवालयों के गर्भगृह तक जाने में रोक लगी थी। इस बार भी श्रद्धालु किसी गाइड लाइन का इंतजार कर रहे है आखिर किस तरह शिव रात्रि में पहुचेंगे। वहीं पत्थलगांव के किलकिला शिव मंदिर, जशपुर के ऐतिहासिक शिवमंदिर, कांसाबेल के लोकेर तुर्केश्वर धाम शिव मंदिर, जशपुर के बेल महादेव में हजारों की संख्या में श्रद्घालुओं को जल चढ़ाने कतार में खड़े देखा गया। किलकिला में हजारों लोगों ने यहां के स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक कर भोलेनाथ से मनोकामनाओं की पूर्ति का वरदान के लिए लोग पहुंचते है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार गुरुवार को धनिष्ठा नक्षत्र होने से श्रीवत्स योग बनेगा। शिवरात्रि पर चंद्र और बुध का राशि परिर्वतन भी हो रहा है। इन योगों में शिव पूजा करने से भक्त की अशांति खत्म होती है। नकारात्मक विचार दूर होते हैं।

महाशिवरात्रि के दिन चंद्र मकर से कुंभ में प्रवेश
11 मार्च की सुबह करीब 9.45 बजे चंद्र मकर से कुंभ में प्रवेश करेगा। इसके बाद बुध ग्रह भी करीब 11.30 बजे मकर से कुंभ में आ जाएगा। इस वजह से कुंभ राशि में बुध और चंद्र दोनों का योग बनेगा। बुध ग्रह बुद्धि का और चंद्र मन का कारक है। शिवरात्रि पर शिव पूजा करने से बुद्धि और मन दोनों नियंत्रित रहते हैं।

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