कोरोना का कहर:हालात गंभीर: कोविड हॉस्पिटल में भर्ती 61 मरीजों में 25 की सांसें ऑक्सीजन पर, शिक्षक की मौत

जशपुरनगर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • फिर टूटा रिकार्ड, 1015 लोगों की जांच में 268 पॉजिटिव मिले, हर उम्र के लोगों को सांस लेने में परेशानी
  • 50 मौत, 6528 पाॅजिटिव, 1666 एक्टिव केस

जिले में कोरोना का संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। इधर संक्रमित मरीजों की हालत गंभीर होते भी देर नहीं लग रही है। वर्तमान में जिला कोविड अस्पताल में भर्ती 61 मरीजों में से 25 मरीज ऑक्सीजन पर हैं। सोमवार की सुबह सन्ना एकलव्य आवासीय परिसर के एक शिक्षक की मौत हो गई। इधर संक्रमण भी तेजी से बढ़ रहा है।

रविवार को लॉकडाउन और छुट्‌टी का दिन होने के कारण सिर्फ 1015 लोगों की जांच हो पाई। इतनी कम जांच में भी जिले में रिकार्ड 268 नए मरीज सामने आए हैं। यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। मतलब कुल जांच में अब 25 से 30 प्रतिशत लोग पॉजिटिव निकल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

ऐसे मुश्किल वक्त में लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए घर पर रहना ही सबसे बड़ी समझदारी है। जिले में ना सिर्फ गंभीर मरीज बढ़ रहे हैं बल्कि मरीजों को रैफर करने के केस भी बढ़े हैं। व्यवस्था की बात करें तो जिले में मरीजों को भर्ती करने के लिए एक हजार से ज्यादा बेड सभी विकासखंडों के आइसोलेशन सेंटरों को मिलाकर है, पर ऑक्सीजन की सुविधा इतनी नहीं है। जिला अस्पताल के पीछे संचालित कोविड-19 हॉस्पिटल में 75 बेड में ऑक्सीजन है। इसके अलावा डोंड़काचौरा के कोविड केयर सेंटर में 200 बेड में से 10 बेड में ऑक्सीजन की सुविधा जुटाई गई है।

केयर सेंटर में भी 105 मरीज भर्ती हो चुके हैं। भर्ती मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कोविड-19 हॉस्पिटल में कुछ बेड गंभीर मरीजों के लिए बचाकर रखे जा रहे हैं, ताकि होम आइसोलेशन से या विकासखंडों के आइसोलेशन सेंटरों से कोई मरीज आए तो तत्काल उनका इलाज शुरू किया जा सके। शहर, गांव हर जगह मिल रहे मरीज, जांच बढ़ी तो और मिलेंगे - जहां भी जांच हो रही है बड़ी संख्या में कोरोना मरीज मिल रहे हैं। चिंता की बात है कि अब तक जो जांच हो रही है, उसमें मरीज लक्षण आने पर खुद ही जांच के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के साथ-साथ गांव में भी कैंप लगाकर जांच करने पर मरीज सामने आ रहे हैं। रविवार को शहर के करबला रोड, बनियाटेाली, कदमटोली, दरबारीटोली, डोंड़काचौरा से नए मरीज सामने आए।

शाम को पत्नी को बताया ठीक हूं, सुबह फोन नहीं उठाया, खबर आई नहीं रहे
एकलव्य आवासीय स्कूल के तमता निवासी 48 वर्षीय शिक्षक को कोविड 19 हॉस्पिटल में 8 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है। शिक्षक के दोस्तों ने बताया कि रविवार की शाम तक उनकी बातचीत फोन पर हुई थी, जिसमें उन्होंने ऑक्सीजन लेबल 80 प्रतिशत से ऊपर होने व सेहत में सुधार होने की जानकारी दी थी। शिक्षक ने अपनी पत्नी से भी फोन पर बातचीत कर तबीयत ठीक होने की बात कही थी।

रविवार की सुबह शिक्षक की पत्नी ने उन्हें कई बार फोन किया पर किसी ने फोन रिसीव नहीं किया तो उसे घबराहट हुई। उसने शिक्षक के साथियों को फोन कर हालचाल जानने के लिए भेजा। शिक्षक के दोस्तों ने जब डॉक्टरों से संपर्क किया तो पता चला कि शिक्षक की मौत हो चुकी है। इस केस से पता चलता है कि वायरस का प्रभाव कितना खतरनाक है। पल भर में ऑक्सीजन लेबल बेहद कम हो जा रहा है और लोगों की जान जा रही है।

हर उम्र के मरीजों को पड़ रही ऑक्सीजन की जरूरत
कोविड 19 हॉस्पिटल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि हर उम्र के लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। अभी जितने मरीज ऑक्सीजन पर हैं, उसमें दो से तीन मरीज 30 साल से कम के हैं। इसके अलावा 40 से 50 उम्र के मरीजों को भी ऑक्सीजन पर रखा गया है। 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों की स्थिति जल्दी गंभीर हो रही है लेकिन ऐसा नहीं है कि कम उम्र के लोग भी आसानी से वायरस के प्रभाव से लड़ ले रहे हैं।

ऑक्सीजन सप्लाई देखने अधिकारी नियुक्त
संक्रमित मरीज के इलाज के लिए ऑक्सीजन सप्लाई की सुचारू व्यवस्था के लिए चिकित्सा अधिकारी जिला चिकित्सालय जशपुर डॉ.अनुरंजन टोप्पो मोबाइल नंबर 9407629500 को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है एवं उनके सहयोग के लिए डॉ. डोलेश्वर पटेल तथा डॉ. उदय भगत चिकित्सा अधिकारी जिला चिकित्सालय जशपुर को कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है।

खबरें और भी हैं...