गाइडलाइन की अनदेखी:बिना मास्क पहने ही पुल बना रहे मजदूर, कंटेनमेंट जोन होने के कारण मजदूरों से संक्रमण फैलने का खतरा

सिंगीबहार6 महीने पहले
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निर्माणाधीन पुल में ऐसे बिना सुरक्षा के काम कर रहे मजदूर। - Dainik Bhaskar
निर्माणाधीन पुल में ऐसे बिना सुरक्षा के काम कर रहे मजदूर।

जिला प्रशासन द्वारा बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर जिलेभर में दिन में लॉकडाउन एवं रात को नाइट कर्फ्यू लगाया गया,लेकिन यहां चल रहे पुलिया निर्माण में जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए गाइडलाइन का तरीके से धज्जियां उड़ाई जा रही है।

सिंगीबहार से देवरी कछुवाकानी के बीच लोकनिर्माण विभाग द्वारा 824.50 लाख के लागत से पुल का निर्माण ठेकेदार विश्वंभर अग्रवाल लुड़ेग द्वारा कराया जा रहा है, जिसमंे वहां काम कर रहे राज मिस्त्री व मजदूरों द्वारा लॉकडाउन का तरीकों से धज्जियां उड़ाई जा रही है।

न ही वहां मजदूर या राज मिस्त्री मास्क का उपयोग कर रहे हैं। निर्माण कार्य में न ही सोशल डिस्टेंस की वही कार्यस्थल पर सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है। इससे मजदूर या राज मिस्त्री बार बार निर्माण में आने वाले उपयोगी समान को हर बार अलग अलग लोग उठा रहे हैं और कोई नाक कोई मुंह को छूकर सामान को भी छू रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा बना है। बता दें कि कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सिंगीबहार को 25 दिन पहले कंटेनमेंट जोन घोषित किया है, जहां से मजदूर निकलकर मजदूरी करने पुलिया निर्माण किए जा रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा है।

पुलिया निर्माण के कार्य मे मजदूरों की संख्या 50 से अधिक है, जिसमे महिला एवं पुरुष कार्यरत हैं, पर वहां न ही सोशल डिस्टेंस मेंटेन किया जा रहा और न ही वहां के मजदूरों मास्क का उपयोग कर रहे है। नही कार्यस्थल पर सैनिटाइजर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे साफ पता चलता है कि यहां प्रशासन द्वारा बनाई गई गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है । कोरोना से संक्रमित होने से कंटेनमेंट जोन ग्राम पंचायत सिंगीबहार को जिला कलेक्टर महादेव कावरे द्वारा घोषित किया है पर यहां के बघियाकानी से मजदूरी करने चल रहे पुलिया निर्माण कार्य मे दर्जनों लोग जा रहे, जिससे संक्रमण के बढ़ने की आशंका है एवं गांव से वहां काम करने आये मजदूरों को भी संक्रमित होने का खतरा है।

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