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यात्रीगण कृपया इंतजार करें:22 फरवरी से चलेंगी 13 लोकल ट्रेनें, लेकिन रायगढ़ के हिस्से में एक भी ट्रेन नहीं

रायगढ़10 दिन पहले
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  • संगठनों को मिला सिर्फ आश्वासन, झारसुगुड़ा-बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन नहीं
  • झारसुगुड़ा या बिलासपुर जाकर कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ना मुश्किल, किराया अधिक, समय भी ज्यादा लगता है

गुरुवार को बिलासपुर जोन ने 13 ट्रेनों को चालू करने की घोषणा की। इनमें रायगढ़ स्टेशन के लिए एक भी ट्रेन नहीं है। शहर में नागरिक मंच समेत अन्य संगठन दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर रूट पर लोकल ट्रेनें शुरू होने के बाद यहां सवारी ट्रेन चालू करने की मांग कर रहे हैं। रेलवे अफसर आश्वासन देते रहे हैं लेकिन 8 दिन के भीतर शुरू की गई ट्रेनों की दूसरी लिस्ट जारी हुई। इसमें रायगढ़ से खुलने या गुजरने वाली एक भी पैसेंजर ट्रेन नहीं है। 10 फरवरी को बिलासपुर जोन ने 12 ट्रेनें शुरू कीं। 18 फरवरी को दोबारा 13 ट्रेनों की सूची जारी की गई। इन दोनों ही सूचियों में ओडिशा और छत्तीसगढ़ रूट के लिए एक भी पैसेंजर को शुरू नहीं किया गया। रायगढ़ से बिलासपुर के बीच कोई ट्रेन शुरू की गई। दूसरी ओर रेलवे अफसरों ने गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर के प्रस्ताव को मंत्रालय से रद्द किए जाने की बात कही है। दुर्ग-बिलासपुर रूट छोड़कर दूसरे रूट की अनदेखी की गई है। बिलासपुर से झारसुुगुड़ा के बीच पैसेंजर ट्रेन शुरू होने से हजारों लोगों को परेशानी हो रही है। सांसद गोमती साय से मामले में उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं किया जा सका।

माल ढुलाई से होने वाली आय बढ़ रही है 3 साल से
बिलासपुर डिवीजन लगातार तीन सालों से माल ढुलाई में लगातार नए कीर्तिमान रच रहा है। इस बार भी रेलवे अपने टारगेट से आगे है। औद्योगिक जिले में माल ढुलाई रेलवे के लिए फायदेमंद है वहीं उद्योगों में काम करने वाले सैकड़ों प्रवासियों को ट्रेनें शुरू नहीं होने से परेशानी हो रही है। 2018 से लेकर 2019 तक लगातार ट्रेनें रद्द की जाती रही हैं 2018 और 2019 के बीच कुछ पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग चरणों में 74 दिनों से भी ज्यादा समय के लिए बंद की गईं। दो साल से उपभोक्ता समिति की बैठक नहीं हुई है। यात्रियों की समस्या या जिले की जरूरतों पर सुझाव नहीं सुने गए हैं।

यह है दर्द...175% तक अधिक वसूली- बिलासुपर से रायगढ़ जाने के लिए पहले साउथ बिहार एक्सप्रेस के स्लीपर में 140 और जनरल टिकट के लिए 60 रुपए देने पड़ते थे। स्पेशल ट्रेन का दर्जा मिलने के बाद स्लीपर के लिए इसी सफर के 385 रुपए और जनरल टिकट के 85 रुपए देने पड़ रहे हैं। यानि जनरल में 41 प्रतिशत अधिक और स्लीपर में 175 प्रतिशत तक अधिक किराया देना पड़ रहा है। इससे ज्यादातर लोगों को परेशानी है। लोगों का कहना है कि पैसेंजर ट्रेनें शुरू नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम स्पेशल ट्रेनों को पहले की तरह रेगुलर कर दिया जाए तो थोड़ी राहत मिल जाएगी।

जिले के साथ हो रहा है सौतेला व्यवहार
"मेरे द्वारा एक दिन पहले ही लोकल पैसेंजर ट्रेनें शुरू करने के लिए पत्राचार किया गया है। रायगढ़ के साथ हमेशा से ही सौतेला व्यवहार होता आया है। बैठक हुई तो इन मुद्दों को उठाऊंगा।''
-गोपाल अग्रवाल, सदस्य, जेडआरयूसीसी

करना पड़ेगा आंदोलन
"रेलवे ना तो आम लोगों की जरूरत समझ रहा है और ना ही हमारी मांगों पर कोई विचार किया जा रहा है। नागरिक मंच की बैठक करेंगे, आगे की रणनीति बनाएंगे, हम लोगों को अपनी बातें मनवाने आंदोलन करना पड़ेगा।''
-अनिल अग्रवाल, सदस्य, नागरिक मंच


सीधी बात
​​​​​​​साकेत रंजन, सीपीआरओ, बिलासपुर जोन

सवाल - रेलवे ने लोकल पैसेंजर ट्रेनें शुरू करने के लिए दूसरी लिस्ट जारी की है, इसमें रायगढ़ रूट पर चलने वाली एक भी ट्रेन नहीं है।
- सभी रूट पर धीरे-धीरे ट्रेनें शुरू होंगी।
सवाल - इससे पहले जेडी पैसेंजर के प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही गई थी, उसे भी अनुमति नहीं मिली।
- हमने प्रस्ताव भेजा था लेकिन प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
सवाल - ​​​​​​​जेडी के अलावा बीआर, इतवारी जैसे ट्रेनों का भी प्रस्ताव भेजा गया क्या।
- 19 ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 13 ट्रेनों को अनुमति मिली है।
सवाल - जो एक्सप्रेस चल रही है। उनमें किराया 175% तक अधिक देना पड़ रहा है।
-हम ट्रेनें शुरू कराने के प्रयास में लगे हैं। रूट पर ट्रेनें जल्द शुरू होंगी।

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