टीकाकरण:18 से 44 साल वालों के लिए मिली 30 हजार डोज

रायगढ़6 महीने पहले
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  • 6 हजार डोज मिली, आज शहर के आठ केंद्रों समेत जिले के 78 सेंटरों में लगेगी वैक्सीन की सेकेंड डोज

गुरुवार से जिले में टीकाकरण फिर रफ्तार पकड़ेगा। बुधवार को बिलासपुर और मुंगेली से वैक्सीन की 6 हजार डोज मंगाई गई है। 45 या उससे अधिक उम्र के लोगों के साथ ही बुजुर्गों को सेकेंड डोज दी जाएगी। जिले में 78 सेंटरों में टीकाकरण होगा। लोगों के साथ बुजुर्गों को सैकेंड डोज भी लगाया जाएगा।

इसमें शहर में 8 समेत जिले में कुल 78 सेंटरों में वैक्सीन लगाई जाएगी। 6 हजार डोज बिलासपुर और मुंगेली से मंगवाई गई है। 1 मई से 18 से 44 साल के लोगों को 218 सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 30 हजार डोज मिलने की बात कही गई है।

डीआईओ डॉ भानू पटेल ने बताया कि 18 से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन बुधवार से शुरू हो गया है। अभी सरकारी सेंटरों में स्वास्थ्य विभाग का अमला वैक्सीन उपलब्ध कराएगा। 30 हजार डोज मिली हैं, इसे सरकारी सेंटरों में लगाया जाएगा। प्राइवेट हॉस्पिटल या नर्सिंग होम मार्केट में उपलब्धता के बाद टीकाकरण कर सकेंगे। ऐसे अभी लोगों को सरकारी हॉस्पिटलों और वैक्सीनेशन सेंटरों में ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

आज शहर के इन सेंटरों में लगेगी वैक्सीन - गुरुवार को शहर के 8 सेंटरों में वैक्सीन लगाई जाएगी। जिसमें मेडिकल कॉलेज में कोविशील्ड की सेकंड डोज लगाई जाएगी, पुराने नेत्र चिकित्सालय, संत माइकल स्कूल, म्यूनिसिपल स्कूल, जतन सेंटर में भी सेकंड डोज लगाई जाएगी। निगम परिसर, रामभाठा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कोविशील्ड की सेकंड और फर्स्ट डोज, भूपदेव स्कूल केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड में दूसरे डोज का वैक्सीन लगाया जाएगा।

प्राइवेट हॉस्पिटलों में वैक्सीन के लिए करना होगा इंतजार

निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन के लिए अब खुले बाजार में वैक्सीन के उपलब्ध होने का इंतजार करना पड़ेगा। सरकारी अस्तालों में वैक्सीनेशन की शॉर्टेज के कारण टीकाकरण प्रभावित हुआ है। 1 मई से 18 से 44 साल के लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी लेकिन यह वैक्सीनेशन भी सिर्फ सरकारी सेंटरों में होगा। दवा व्यापारी संघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल कहते हैं, वैक्सीन मार्केट में कब उपलब्ध होगा इसे लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है। अभी कंपनियों की प्राथमिकता सरकार को सीधे वैक्सीन सप्लाई करने की है। जब तक दूसरे ब्रांड्स बाजार में नहीं आएंगे और अभी चल रही दो वैक्सीनों को उत्पादन नहीं बढ़ेगा तब तक दवा दुकानों में वैक्सीन नहीं मिल पाएगी।

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