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बेस लाइन परीक्षा से खुलासा:तीसरी व चौथी के छात्र अंक और वर्णमाला भूले

रायगढ़15 दिन पहले
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कोरोना के कारण बंद स्कूल अब डेढ़ साल बाद दुबारा खुल गए हैं। ऐसे में बच्चों के पढ़ाई स्तर जानने के लिए सरकारी स्कूलों में प्राइमरी और मिडिल स्कूल में सेतु पाठ्यक्रम के तहत बेस लाइन परीक्षा ली गई। इसमें तीसरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों ने पिछले दो वर्षों में मोहल्ला या ऑनलाइन क्लासेस से क्या सीखा, यह जानने की कोशिश की।

परीक्षा से निष्कर्ष निकला कि कि तीसरी के स्टूडेंट्स को अक्षर ज्ञान नहीं होने से वे प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें हिन्दी और गणित के सामान्य अक्षर की समझ भी नहीं है। स्कूल के 50 फीसदी बच्चों की पढ़ाई का स्तर कुछ ऐसा ही निकला। बेस लाइन परीक्षा को 31 अगस्त से 6 सितंबर के बीच ली गई थी, इसकी ऑनलाइन एंट्री 15 सितंबर तक होगी। दरअसल पिछले दो साल से बच्चों को बिना परीक्षा लिए जनरल प्रमोशन दे दिया। इससे उन्हें अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया गया। बेसलाइन परीक्षा यह भी बात सामने आई हैं कि 3री से लेकर 5वी तक के बच्चों को गणित के अक्षर पहचानने में परेशानी हो रही है। इसलिए वे जोड़ घटाओं नहीं कर पा रहे है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार बेस लाइन परीक्षा में पांच मूल्यांकन और तीन आंकलन किया जाना है।

पढ़ाई का स्तर सुधारने में लगेंगे छह माह
पूंजीपथरा इलाके के संकुल समन्वयक विकास रंजन सिन्हा ने बताया कि 50 फीसदी स्टूडेंट्स की पढ़ाई का स्तर खराब है। इन्हें गणित, हिन्दी व्याकरण और अक्षर ज्ञान की समझ नहीं है। इनसे पिछले दो साल के क्लासेस की प्रश्न पूछे गए तो यह बात सामने आई। संबलपुरी के शिक्षक भूपेश पंडा ने बताया कि ऐसे बच्चों को पढ़ाई में सुधार करने के लिए छह माह समय लगेगा, दिसंबर के अंतिम सप्ताह में जब परीक्षा ली जाएगी, तभी इसका आंकलन हो सकेगा।

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