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एनआईटी रायपुर में 2017 बैच की आईटी स्टूडेंट हैं शुश्रिया:शुश्रिया को 43.55 लाख रु. के सालाना पैकेज पर अडॉबी ने दिया जॉब

रायगढ़एक महीने पहले
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  • एनआईटी रायपुर में 2017 बैच की आईटी स्टूडेंट हैं शुश्रिया, जेईई मेंस की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को संदेश: जो अब तक पढ़ा उसको रिवाइज करें, मॉक टेस्ट जरूर दें

रायपुर एनआईटी में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए मल्टीनेशनल कंपनी अडॉबी ने रायगढ़ की शुश्रिया स्वर्णकार को सर्वाधिक 43.55 लाख रुपए का पैकेज दिया है। 13 जुलाई को ऑनलाइन ज्वाइनिंग के साथ वे अपना करियर शुरू करेंगी। उनके पिता माधो प्रसाद छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में अफसर हैं।

चांदनी चौक के स्व. निराकार स्वर्णकार की पोती शुश्रिया ने दसवीं तक शहर के कार्मेल और फिर बारहवीं तक ओपी जिंदल स्कूल से पढ़ाई की। 2017 में जेईई मेंस में अच्छे रैंक के कारण उनका दाखिला एनआईटी रायपुर में हुआ । उन्होंने सेकंड ईयर में येलो मैसेंजर नामक स्टार्टअप में और थर्ड ईयर में मल्टीनेशनल कंपनी अडॉबी में वर्चुअल इंटर्नशिप की। जो प्रोजेक्ट मिले उन पर शानदार परफॉर्मेंस के कारण कंपनी ने शुश्रिया को जॉब ऑफर किया। शुरुआत से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं शुश्रिया ने 2016 में बारहवीं के बाद एक साल ब्रेक लिया। उन्होंने बताया, आईआईटी में जाना चाहती थी लेकिन रेंक अच्छी नहीं होने के कारण एनआईटी चुनना पड़ा। इसके बाद पॉजिटिव रहकर पढ़ाई की। आईटी सेक्टर में दो-तीन साल काम करने के बाद आगे की प्लानिंग करेंगी।

परिवार ने हमेशा अच्छा करने को मोटिवेट किया

शुश्रिया ने बताया कि पिता बैंक में अफसर हैं और मां होममेकर हैं। माता-पिता ने हमेशा पढ़ाई का माहौल दिया । स्कूल-कॉलेज में सब्जेक्ट हो या करियर, किसी तरह का दबाव नहीं रहा । बड़े भाई क्षितिज स्वर्णकार एनडीएम में सेलेक्ट होकर आर्मी में कैप्टन हैं। क्षितिज ने रीवा सैनिक स्कूल से पढ़ाई की। भाई से भी मोटिवेशन मिलता रहा।

नए कॉन्सेप्ट्स न देखें, जो पढ़ा उसपर मेहनत करें स्टूडेंट्स

जुलाई में ही जेईई मेंस की परीक्षा है। इसकी तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए शुश्रिया ने कहा, दो साल तक जिन कॉन्सेप्ट्स या स्टाइल से पढ़ाई की, उसी पर फोकस रखें। कुछ नया स्टार्ट करने का अब समय नहीं है, इससे पैनिक हो सकता है। मॉक टेस्ट को गंभीरता से लें। घर में मॉक टेस्ट के दौरान भी एग्जामिनेशन हॉल जैसी गंभीरता रखें। तीन घंटे बैठकर प्रैक्टिस करें।

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