रुपए दिलाने के लिए गुहार लगाई:चिटफंड के शिकार 58 हजार, बोले- रुपए दिलाइए साहब

रायगढ़2 महीने पहले
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पैसे डबल होने की उम्मीद में चिटफंड कंपनियों के चक्कर में आकर पैसा फंसाने वाले 58 हजार 497 लोगों ने आवेदन किए हैं। 2 से 6 अगस्त तक आवेदन लिए जाने थे। पांच दिनों में 53 हजार 516 लोगों के आवेदन आए हैं। सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों से 53 हजार 549 लोग हैं। वही नगरीय निकायों में 4948 आवेदन आए हैं।

नगर निगम में 3 हजार लोगों ने आवेदन देकर फंसे हुए रुपए दिलाने के लिए गुहार लगाई है। प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रोहित सिंह ने बताया कि शुक्रवार तक सारे ब्लॉकों में अंतिम दिन होने की वजह से अधिकांश आवेदन भर आ गए है। एक-दो दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाने की बात कही जा रही है, जिसमें कितने लोगों की पैसा इन कंपनियों फंसा यह स्पष्ट हो जाएगा। अब 20 अगस्त नगरीय निकायों और जनपद कार्यालयों में राशि जमा करने के लिए कह दिया है।ब्लॉकों में सबसे ज्यादा आवेदन सारंगढ़ ब्लॉक से साढ़े 20 हजार से ज्यादा आवेदन लिए आए है, हालांकि अभी राशि का आंकलन नहीं हो सका है। इसमें यह भी मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट हो जाने का अनुमान है, हालांकि उम्मीद की जा रही है 100 करोड़ से अधिक की राशि चिटफंड कंपनियों में लगी हुई है। ग्रामीण इलाकों में लोग जमीन बेचने के बाद या अधिग्रहण होने के बाद जो राशि ग्रामीण इलाकों में लोगों मिली तो उन्होंने इन रकम को चिटफंड कंपनियों में जल्द ही डबल हो जाने के झांसे में आ पैसे लगा दिए।

इन कंपनियों में फंसे लोगों के आवेदन ज्यादा
पुरानी कंपनियों में ही पीएसीएल, साईं प्रकाश, साईं प्रसाद, पल्स रियल स्टेट, एसपीएनजे, अंबेडकर रियल स्टेट जैसी कंपनियों के झांसे में आकर लोगों ने सबसे ज्यादा रुपए निवेश किए। सहारा इंडिया में निवेश करने के बाद राशि नहीं लौटाई, उन्होंने भी आवेदन कर डाला। इसमें अफसरों दलील हैं कि सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसाइटी है, इसमें जिन लोगों के पैसे फंसे हैं कंपनी राशि लौटा रही है, इसलिए ऐसे आवेदन मंजूर नहीं किए जाएंगे। सहारा इंडिया मामला कोर्ट में बताकर मेच्योरिटी पर भी निवेश की राशि नहीं लौटा रहा है।

की जा रही जमीन समेत संपत्ति की कुर्की
प्रशासनिक अफसरों के अनुसार पल्स गोल्ड कंपनी की भूपदेवपुर और पुसौर में जमीन होने की बात सामने आई है। इसके अलावा चैतन्य नगर में साईं प्रसाद लिमिटेड की संपत्ति कुर्क करके नीलामी प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने उसे कोर्ट के पास भेजा हुआ है। इसे बेचकर राशि वापस मिलेगी उसे वापस दिया जाएगा। इसके अलावा जिन कंपनियों की संपत्तियों है उन्हें खोजने के लिए निर्देश दिए हैं, जिसमें कुर्की हो सके।

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