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इंतजाम, लॉकडाउन में मंदिर बंद:सोशल मीडिया पर सुबह-शाम की आरती का लिंक शेयर कर भक्तों को ऑनलाइन करा रहे हैं माता के दर्शन

रायगढ़5 महीने पहले
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बुढ़ी माई मंदिर में शाम के वक्त पूजा करते पंडित। लाइव स्ट्रिमिंग से भक्त घर बैठे करते हैं दर्शन। - Dainik Bhaskar
बुढ़ी माई मंदिर में शाम के वक्त पूजा करते पंडित। लाइव स्ट्रिमिंग से भक्त घर बैठे करते हैं दर्शन।
  • बंजारीधाम और बूढ़ी माई मंदिर जहां हजारों श्रद्धालु जुटते थे वहां सिर्फ पुजारी कर रहे हैं नवरात्रि की पूजा

देवी मंदिरों के पट बंद हैं, नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने मंदिर जाकर माता के दर्शन किए। दूसरे दिन से लॉकडाउन के कारण श्रद्धालु मंदिर नहीं जा पा रहे हैं इसलिए मंदिर प्रबंधन ने सोशल मीडिया में सुबह-शाम आरती के दौरान देवी मां के लाइव दर्शन के इंतजाम किए हैं। संक्रमण के खतरे में बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। भक्त घर से देवी मां के दर्शन कर सकते हैं।

शहर के प्राचीन बुढ़ी माई मंदिर में नवरात्र में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहता था लेकिन इस बार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण रोकटोक है। दो पंडित मिलकर सुबह शाम पूजा करते हैं। शुक्रवार को देवी के स्वरूप कुष्मांडा की पूजा की गई। मंदिर के पुजारी रतन मिश्रा ने बताया कि माता को हर रोज भोग लगाया जाता है। पंडित मंदिर में खुद ही प्रसाद बना लेते हैं। कुछ फल का इंतजाम लॉकडाउन से पहले किया गया था, उसका भोग लगाया जा रहा है। मीडिया प्लेटफार्म में फेसबुक में जय बुढ़ी माई मंदिर पेज बनाया गया। सुबह-शाम की पूजा वेबपेज पर लाइव चलती है।

शाम साढ़े 6 बजे संध्या आरती के साथ पूजा की गई। तराईमाल के बंजारी मंदिर की देवी के दर्शन करने हों तो डुलेंद्र कुमार पटेल की फेसबुक आईडी माता के ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं। यहां नवरात्रि के सभी नौ दिन रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते थे लेकिन इस बार बिना साज सज्जा और मेले के सादगी से नवरात्रि उत्सव चल रहा है। यहां हर रोज महिला पदाधिकारी के साथ चार पंडित ज्योत कलश और देवी की पूजा करते हैं। मंदिर प्रबंधन से जुड़े दुलेन्द्र पटेल ने बताया कि आसपास के लोग फल, फूल, माला का इंतजाम करते हैं। शाम को आरती होती है। कोरोना संक्रमण में इजाजत नहीं होने के कारण भक्तों का प्रवेश बंद है।

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