इंतजाम बेकार, जांच में भी लापरवाही:एक की जांच में 7 मिनट लगे, भीड़ हुई तो कतार छोड़कर बिना जांच के निकले ट्रेन से आए यात्री

रायगढ़7 महीने पहले
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कोविड जांच के लिए स्टेशन में लगी यात्रियों की कतार। - Dainik Bhaskar
कोविड जांच के लिए स्टेशन में लगी यात्रियों की कतार।
  • ई टिकट के कारण लोकल-बाहरी यात्रियों में फर्क मुश्किल, कंफ्यूजन में बगैर जांच बाहर भेज रहे हैं यात्रियों को
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं, यात्रियों की जांच की एक ही जगह व्यवस्था इसलिए जल्दबाजी में यात्री नहीं करा रहे टेस्ट

ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। सोमवार को पहले दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंटीजन किट से कोरोना जांच शुरू की। पहले ही दिन कर्मचारियों ने लापरवाही की। 60 से ज्यादा यात्रियों को एक साथ भीड़ में खड़ा कराया गया। इसके बाद अचानक भीड़ बढ़ी तो लोकल यात्रियों को जाने के लिए कहा दिया।

इसी बीच दूसरे राज्यों से आए यात्री भी बिना जांच बाहर चले गए। जांच के आदेश तो ठीक हैं लेकिन ई-टिकट के कारण बाहर से आए और लोकल यात्रियों में फर्क करना मुश्किल है। इस वजह यात्रियों की जांच में मुश्किल हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मचारी रेलवे स्टेशन परिसर में एटीएम के पास स्क्रीनिंग रूम बनाकर बैठे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से ट्रेन में आने वाले यात्रियों का कोविड टेस्ट शुरू किया। भास्कर की टीम मौके पर थी। उत्कल एक्सप्रेस आई, 60 से अधिक यात्री नीचे उतरे। यात्रियों की जांच शुरू हुई। यात्री प्लेटफार्म में उतरने के बाद उनकी लाइन बना दी गई। एक ही पंक्ति में सभी यात्री सटकर खड़े हो गए। एंटीजन टेस्ट का रिजल्ट आने में 7 मिनट का समय लग रहा था।

बच्चे को स्वाब लेते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी।
बच्चे को स्वाब लेते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी।

30-40 यात्रियों की स्क्रीनिंग के बाद अचानक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने यात्रियों से कहा कि लोकल सफर कर आने वाले यात्री लाइन से अलग होकर बाहर जाएं। इतना सुनने के बाद ज्यादातर यात्री लाइन छोड़ कर बाहर चले गए। आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर खड़े हुए थे। कुछ यात्री जो दिल्ली से आए थे। वे भी इसी भीड़ में निकल गए।

रेलवे और स्वास्थ्य विभाग में तालमेल का अभाव
रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के बीच कोई तालमेल नहीं है। रायगढ़ में आने वाले यात्रियों की सूची रेलवे के रिजर्वेशन के पास होती है। उनकी एक लिस्ट रेलवे से लेकर स्वास्थ्य विभाग जांच बेहतर ढंग से कर सकता है। अभी एक-एक यात्री से उनकी यात्रा पूछकर टेस्ट किया जा रहा है। यही कारण है कि यात्रियों को अलग करने में स्वास्थ्य विभाग को ज्यादा समय लग रहा है।

बिना मास्क लगाए ही यात्रियों की जांच करता स्वास्थ्य कर्मचारी।
बिना मास्क लगाए ही यात्रियों की जांच करता स्वास्थ्य कर्मचारी।

50 से अधिक लोगों की जांच सभी निगेटिव
दोपहर 12.48 मिनट तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 64 लोगों के नाम दर्ज किए थे। 50 से अधिक यात्रियों की स्वाब टेस्ट किया गया। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव ही आई थी। इसके बाद अन्य ट्रेनें भी आई। इनके यात्रियों की जांच भी की गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने कोई रिपोर्ट अपडेट नहीं की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह जांच अभी लगातार होगी। लॉकडाउन के दौरान भी जो यात्री बाहर से रायगढ़ आएंगे। उनकी जांच इसी तरह की जाएगी।

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