छठ व्रत:नहाय-खाय के साथ कल से शुरू होगा छठ महापर्व

रायगढ़25 दिन पहले
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सोमवार से छठ महापर्व शुरू होगा। चार दिन चलने वाली पूजा की शुरुआत 8 नवंबर को नहाय खाय (लौकी भात) से होगी। 11 नवंबर की सुबह उगते सूर्य देव को अर्घ्य के साथ ही पूजा का पूर्णाहुति होगी। बिहार, झारखंड के साथ ही उत्तर भारतीय परिवार छठ का व्रत करते हैं। साल दर साल लोकप्रिय और आस्था का पर्व बनी छठ पूजा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल होते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं है और सामूहिक आयोजन भी होंगे। नगर निगम ने अब तक छठ घाटों की सफाई नहीं कराई है।

सोमवार को नहाय-खाय किया जाएगा, नहाय- खाय के दिन पूरे घर की साफ-सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है, इस दिन चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत हो जाती है। खरना 9 नवंबर से किया जाएगा, इस दिन व्रती पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती है। सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद ग्रहण किया जाता है, व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है।

खरना के अगले दिन यानि 10 नवंबर बुधवार को व्रती डूबते सूर्य देव को अर्घ्य देंगे। इस दौरान व्रती के साथ ही उनके परिजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने घाटों पर इकट्‌ठा होते हैं। खरना के अगले दिन छठ का समापन होगा, इस साल 11 नवंबर को इस महापर्व का समापन होगा। इस दिन व्रती तड़के ब्रह्म मुहूर्त पर ही घाटों में पहुंचकर सूर्योदय की प्रतीक्षा करते हैं। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही व्रत पूरा माना जाता है।

कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले वर्ष रोकटोक थी तो लोगों ने बिन भीड़ के घरों में कुंड बनाकर छठ व्रत किया था। इस बार संक्रमण का खतरा नहीं है, ऐसे में सामूहिक आयोजन करने की तैयारी छठ पूजा आयोजन समिति करने की तैयारी रखी है। इसके अलावा छठ पर धार्मिक आयोजन भी करने की तैयारी समिति से जुड़े सदस्य कर रहे है। आयोजन समिति के पदाधिकारी उपेन्द्र सिंह ने बताया कि सोमवार से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। इस बार खरना या छठ पूजा के समापन के दिन कोई कार्यक्रम करने की तैयारी है, वह रविवार को यह फाइनल हो जाएगा।

छठ घाट पर अभी तैयारियां नहीं
छठ पूजा की शुरुआत सोमवार से हो जाएगी, लेकिन छठ घाटों में कोई तैयारियां अभी नहीं की जा सकी है। शनिवार को नगर निगम घाट की सफाई नहीं कर सका था, कयाघाट और एसईसीएल रोड के मरीन ड्राइव में तैयारियां नहीं हो सकी। शनिवार की सुबह मेयर जानकी काटजू एमआईसी सदस्यों के साथ घाट का निरीक्षण किया, वहां पर जल्द ही साफ सफाई शुरू कराने के लिए कहा है। हालांकि अभी वहां पर्याप्त लाईट के इंतजाम नहीं हो सके है।

ये हैं शहर के प्रमुख छठ घाट
जूटमिल छठ घाट, कायाघाट, छातामुड़ा, जिंदल पुल, बूढ़ीमाई, किरोड़ीमल नगर, उर्दना

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