माता-पिता और बेटे-बहू ने एक साथ दी परीक्षा:रायगढ़ में परीक्षा देने पहुंचे चारों ने अपना परिचय दिया तो टीचर्स के चेहरे खिले, बोले- बच्चे शिक्षित हो, इसलिए पढ़ना जरूरी

रायगढ़2 महीने पहले
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प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत माता-पिता और बेटे-बहू एक स्कूल में साथ-साथ परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे।  - Dainik Bhaskar
प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत माता-पिता और बेटे-बहू एक स्कूल में साथ-साथ परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। 

छत्तीसगढ़ी में कहते हैं... लइका मन के शिक्षित होय खातिर सियान अउ जवान मन ला पढ़ाई-लिखाई जरूरी होथैं। यानी कि बच्चे शिक्षित हों, इसके लिए घर के बड़े-बुजुर्गों का पढ़ाई-लिखाई करना जरूरी है। इस बात की रायगढ़ के एक परिवार ने गांठ बांध ली। पहले गरीबी और फिर काम-धंधे के चलते पढ़ नहीं सके, तो बच्चों की खातिर फिर कलम और किताब उठा लीं। अब शुक्रवार को माता-पिता और बेटे-बहू एक स्कूल में साथ-साथ परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे।

दरअसल, राज्य सरकार प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत पढ़ना-लिखना अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए महा परीक्षा का आयोजन लैलूंगा स्थित प्राथमिक स्कूल में किया गया था। इस परीक्षा में शामिल होने वार्ड क्रमांक-16 निवासी शौकत मोमिन अपनी बीवी हसीना मोमिन, बेटा रजब मोमिन और बहू मरियम के साथ स्कूल पहुंच गए। सभी ने अपना परिचय दिया तो एक परिवार के लोगों को साथ देख टीचरों के चेहरे भी खिल गए।

बच्चे स्कूल से घर आएं तो भी उन्हें अच्छी शिक्षा देना जरूरी
टीचरों ने भी परिवार की भावना का सम्मान किया और स्कूल के एक ही कमरे में उन्हें परीक्षा देने के लिए बैठा दिया। इसके बाद सास-ससुर, बेटा और बहू चारों ने एक साथ बैठकर परीक्षा दी। परीक्षा के बाद जब शौकत के बेटे रजब से दैनिक भास्कर ने बात की तो उन्होंने कहा कि हमको मौका नहीं मिला कि पढ़ाई-लिखाई कर सकते। अब घर के बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं, लेकिन जब वे पढ़कर आते हैं तो जरूरी है कि उनको घर में भी कुछ बताया जाए।

लैलूंगा में 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए, 851 ने दी परीक्षा
ड्यूटी कर रहे शिक्षकों के मुताबिक यह शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश है। महा परीक्षा का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी अधिकारी डीके वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। लैलूंगा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायतों व नगर पंचायत को मिलाकर 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। लैलूंगा वार्ड में 813 महिलाएं व 282 पुरूषों ने आवेदन किया था। परीक्षा में 606 महिलाओं और 245 पुरूष शामिल हुए। इसमें युवा व बुजुर्ग दोनों वर्ग के लोग शामिल हैं। परीक्षा पास करने पर इनको गणित, हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी शुरुआत से पढ़ाई जाएगी।

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