पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वैशाख में आषाढ़ जैसी बारिश...:मूसलाधार बारिश से शहर तर, आज भी बदली और बूंदाबांदी

रायगढ़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बंगाल की खाड़ी में नमी, झारखंड में द्रोणिका और मध्यप्रदेश में चक्रवाती घेरे ने बिगाड़ा मौसम

गुरुवार को सुबह से शाम तक धूप-छांव चलती रही। रात 9.15 बजे अचानक घिरे बादलों ने बरसना शुरू किया। लगभग डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश ने गर्मी से तो राहत दिलाई लेकिन शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में बिजली सप्लाई बाधित हुई। तेज हवा और बारिश के कारण जगह-जगह तारों पर फ्लैक्स गिरने या टूटने से गुल हुई बत्ती रात 12.30 बजे तक आई। मौसम का ऐसा मिजाज शुक्रवार को भी बना रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि कर्नाटक के ऊपर चक्रवाती घेरा बना है। यहां से उत्तर मध्य प्रदेश और दूसरी तरफ केरल तक इसका असर है। वहीं उत्तर मध्य प्रदेश से झारखंड और बंगाल होती हुई त्रिपुरा तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। देश के कई राज्यों में मौसम के इस बदलाव का असर प्रदेश के रायगढ़ समेत दूसरे जिलों में पड़ा है। अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। हालांकि अगले चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा लेकिन बीच-बीच में हल्की बारिश भी हो सकती है। गुरुवार को अचानक हुई बारिश से उमस बढ़ गई। हल्के बादल के कारण दोपहर का तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया वहीं देर रात तापमान 21 डिग्री रहा। शुक्रवार को भी जिले में शाम के वक्त हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

आधी रात तक गुल रही बिजली
बिजली कंपनी के अफसरों के मुताबिक बारिश होने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन लाइन में फाल्ट आने से सुधारने में समय लगा। सर्किट हाउस फीडर में फाल्ट आने के साथ ही गढ़उमरिया, प्राची विहार, छातामुड़ा में तार टूट गए। कोतरा रोड में एक बार फिर ऊंचाई में लगे फ्लैक्स और पोस्टर हवा से फटकर बिजली के तारों से जा लिपटे। इससे बिजली गुल हो गई। कोरोना संक्रमण के कारण बिजली कंपनी के पास स्टाफ की कमी है। बिजली कर्मियों ने बारिश रूकते ही लाइन सुधारना शुरू किया। देर रात 12.30 बजे तक ज्यादातर इलाकों में सप्लाई बहाल की गई।

खबरें और भी हैं...