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तैयारी:शहर का मास्टर प्लान होगा जीआईएस बेस्ड, एक क्लिक में मिलेगी जानकारी

रायगढ़एक महीने पहले
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  • जिन क्षेत्रों में विकास ज्यादा उन्हें नए प्लान में शामिल करने की तैयारी
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शहर के लिए मास्टर प्लान का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। रायपुर में प्रारंभिक बैठकों के बाद प्लानिंग एरिया और मास्टर प्लान-2021 की अब तक की क्रियान्वयन रिपोर्ट भी बनाई जा रही है। नया मास्टर प्लान जीआईएस (जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम) बेस्ड होगा। इसके लिए जल्द ही दिल्ली की डीडीएफ नामक निजी कंपनी सर्वे काम शुरू करने वाली है। कंपनी को रायगढ़ की पुरानी बेसमैप भी दिया जा चुका है।  नई बेसमैप इस बार वैज्ञानिक पद्धति से तैयारी की जाएगी। इस तकनीक से एरिया की वास्तविक मैपिंग होगी। इससे जमीन, सड़क, प्रॉपर्टी की जानकारी एक क्लिक पर आसानी से पता चलेगी। सिंगल क्लिक प्लान होने से अफसर ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी मास्टर प्लान होने की बात फिलहाल कह रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि काम का प्रारूप और सीमा निर्धारण पर काम शुरू किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, भिलाई जैसे नौ जिलों के साथ रायगढ़ को भी स्मार्ट सिटी के कैटेगरी में किया गया है। जिलों के लिए 2021 के बाद लागू होने वाली मास्टर प्लान का काम दिल्ली की डीडीएफ नामक कंपनी को दिया गया है। जिले का बेसमैप मिलने के बाद कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया है। लॉकडाउन की वजह से जिले में जीआईएस सर्वे का काम जरूर पिछड़ गया है। 

2021 तक के मास्टर प्लान में मिली हैं कई खामियां
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने 2021 तक जिस मास्टर प्लान को लागू कर रखा है। उसमें कई खामियां हैं, इसमें शहर के चारों तरफ से आपस में जुड़ने वाली रिंग रोड का उल्लेख है, लेकिन शहर में ऐसी कोई सड़क नहीं है। सड़कों की चौड़ाई भी मास्टर प्लान में उल्लेख किए गए मानकों के अनुरूप नहीं है। जिन क्षेत्रों में ज्यादा डेवलपमेंट की बात कही गई है, उन क्षेत्रों में डेवलपमेंट का प्रतिशत बीते 10 सालों में सिर्फ 5 से 8 प्रतिशत ही है। 

क्या होता है जीआईएस
जीआईएस से पृथ्वी की भौगोलिक आकृतियों, भू-भागों को डिजिटल रूप में पेश किया जाता है। इसमें  डाटा को एनालॉग से डिजिटल तकनीक में बदला जाता है।

नए प्लान में इन क्षेत्रों पर ज्यादा रहेगा फोकस
टीएनसी पुराने मास्टर प्लान में कोड़ातराई, विजयपुर, गोपालपुर जैसे क्षेत्रों में विस्तार के हिसाब से शामिल किया था, लेकिन इन क्षेत्रों में विकास का प्रतिशत महज 20 से 28 प्रतिशत ही रहा। ऐसे में इस बार ऐसे इलाकों को शामिल करने की तैयार है, जहां रिहायशी कॉलोनियों का निर्माण तेजी से हो रहा है। इसमें मुख्य रूप से मेडिकल कॉलेज रोड पर धनुवारडेरा, कोतरा रोड से धनागर तक, घरघोड़ा रोड में लाखा, पहाड़ मंदिर के पीछे पंडरी पानी जैसे ग्रामीण इलाके भी शामिल किए जाएंगे।

वर्तमान में 46 से ज्यादा गांव दायरे में आ रहे
पुराने मास्टर प्लान में शहर की सीमा से सटे हुए 46 से गांव शामिल हैं। इसमें मुख्य रूप से बड़े अतरमुड़ा, बोइरदादर, गोवर्धनपुर, गोरका, पतरापाली, खैरपुर, चिराईपानी, कोकड़ीतराई, गढ़उमारिया, गुड़गहन, दर्रामुड़ा, डुमरपाली, कुंजेडबरी, बड़े रामपुर, कोसमपाली, बेंदराचुआं जगतपुर समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं।  

दिल्ली की कंपनी करेगी काम
"2021 के बाद नया मास्टर प्लान लागू किया जाना है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने मास्टर प्लान जीआईएस बेस्ड बनाने का निर्णय लिया है और जिम्मेदारी दिल्ली की कंपनी को सौंपी है। टीएनसी सिर्फ कंपनी के कार्यों का सुपर विजन करेगी। इसके लिए बेसमैप उन्हें थोड़े समय पहले दिया गया है।''
-बीपीएस पटेल, सहायक संचालक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग

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