खतरा टला नहीं:कोरोना...4 दिन में 35 चपेट में, एक मौत भी, यात्रा कर लौटे हैं संक्रमित पाए गए लोग

रायगढ़2 महीने पहले
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बुजुर्ग की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - Dainik Bhaskar
बुजुर्ग की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।

जिले में पिछले चार दिनों में 35 कोरोना संक्रमित मिले हैं। अब सक्रिय मरीजों की संख्या 49 हो गई है। संकट भले न हो लेकिन महाराष्ट्र और केरल में मरीजों की संख्या बढ़ने और कुछ देशों में कोविड-19 के नए वेरिएंट की चर्चाओं के बाद सतर्क रहने की जरूरत है। जिले में मिल रहे संक्रमितों की ट्रैवल हिस्ट्री, परिवार या कार्यक्षेत्र में एक से अधिक व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने को डॉक्टर चिंता की वजह मान रहे हैं।

एक्सपर्ट कहते हैं, वैक्सीनेशन भले ही 100 फीसदी से अधिक हो चुका हो लेकिन एहतियात जरूरी है। रविवार को जिले में 3 संक्रमित मिले। 23 नवंबर से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार तक एनटीपीसी इलाके में 9 पॉजिटिव मरीज थे, शनिवार को एनटीपीसी और आसपास के गांव संक्रमित मिले। कोरोना मृतक शिक्षक ऐसे हुए थे संक्रमित- दो दिन पहले बिलाईगढ़ के रहने वाले और सारंगढ़ ब्लाक में पदस्थ शिक्षक की कोरोना संक्रमण के बाद शहर के अस्पताल में मौत हो गई थी। अरसे बाद कोरोना से मौत हुई है।

भास्कर ने शिक्षक का इलाज कर रहे चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग से बात की। पता चला कि शिक्षक का शुगर लेवल ज्यादा था। इसके साथ ही पेट संबंध बीमारी थी इसलिए संक्रमण जानलेवा साबित हुआ। कुटेला आदिवासी छात्रावास की हॉस्टल अधीक्षक संक्रमित हुई थी। रायपुर में इलाज चल रहा था। शिक्षक और उनकी शिक्षिका पत्नी के अलावा हॉस्टल का कुक भी अधीक्षक को देखने रायपुर गए थे। वहां से आने के बाद ये लोग संक्रमित हुए और एक-एक कर सात लोग संक्रमित हुए।

समझिए... क्यों है संक्रमण का खतरा
शनिवार को घरघोड़ा के वार्ड नंबर 1 से पांच पॉजिटिव मरीज मिले। सारे लोग टीआरएन एनर्जी के अफसर और उनके परिवार से जुड़े सदस्य हैं। ये वहां के गेस्ट हाउस में थे। एक अफसर और उनकी पत्नी की रिपोर्ट दो दिन पहले पॉजिटिव आई है, इसके बाद फिर उनके ही संपर्क में आए तीन लोग पॉजिटिव आए। जो कर्मचारी सबसे पहले कोरोना की चपेट में आया 26 अक्टूबर को उनकी मां की मौत डभरा में हुई थी। लौटने के दो-तीन बाद सर्दी, बुखार जैसे लक्षण दिखने के बाद टेस्ट कराया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 9 दिनों में इतने संक्रमित

मास्क लगाएं और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेें
कोरोना संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है। जिस शिक्षक की जान गई, संक्रमण के बाद पहले दिन से उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल कम हो गया था। कोविड लक्षण भी दिख रहे थे, जांच कराने के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वैक्सीन लगवाने के साथ ही मास्क लगाने और दूसरे कोविड प्रोटोकॉल पर अमल करें। अभी कोई नए स्ट्रेन के लक्षण नहीं दिख रहे हैं।’’
-डॉ पीके मिश्रा, सीनियर मेडिसिन स्पेशलिस्ट

सतर्क रहना जरूरी
दुनिया के कुछ हिस्से में संक्रमण जिस तरह फैल रहा है उसे देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। अनावश्यक यात्रा या भीड़भाड़ से बचना चाहिए। कोरोना के लक्षण दिखते ही आइसोलेट हो जाएं और तुरंत जांच कराएं। मास्क पहनने के साथ हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। डिस्टेंसिंग का हर संभव पालन करें। सभी पात्र लोगों को कोरोना वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।’’
-डॉ वेद प्रकाश घिल्ले, फिजिशियन, मेकाहारा

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