पर्व / घर में नमाज पढ़कर दाऊदी बोहरा समाज ने सादगी के साथ मनाई ईद

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  • जामा मस्जिद के मौलाना ने कहा: चांद नहीं दिखा तो सोमवार को मनेगी ईद

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

रायगढ़. बोहरा समाज ने ईद उल फितर शनिवार को सादगी के साथ मनाई। इस बार हर किसी को अपने घर में 30 दिनों तक इमाम बनाया गया। अपने साथ केवल घर के सदस्यों को लेकर नमाज अदा की। खासकर 53वें धर्मगुरु के वसीले (बयान) को बोहराजनों ने घरों में ही देखा। जबकि जामा मस्जिद सहित अन्य जगहों पर मुस्लिम समाज ने 29वां रोजा पढ़ा। चांद न दिखाई देने के कारण रविवार की जगह सोमवार को ईद मनाई जाएगी।
जामा मस्जिद के शहर काजी गुलाम मुस्तफा सिब्तैनी साहब ने बताया कि सोमवार को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। शनिवार को 29वां रोजा के बाद 30वां रोजा रविवार को रखा जाएगा। मुस्लिमों से धर्मगुरुओं ने पहले ही अपील कर नसीहत दी कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ घरों में रहकर खुदा की इबादत करें। 
ऑनलाइन भी दे रहे एक दूसरे को बधाई
बोहरा समाज के मुल्ला शब्बीर हुसैन ने बताया कि यहां 50 की संख्या में समाज के लोग रहते हैं। ईद के पहले वाली रात में खुदा का शुक्रिया अदा करने के लिए वश्शेक पढ़ी गई। शनिवार को ईद के दिन 53वें धर्मगुरु आली कदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला के वसीले (बयान) को सब अपने -अपने घरों में देखा। सुबह में सूरज निकलते समय खुतबा पढ़ा गया। तीन टाइम का नमाज अदा करने के बाद फोन और ऑनलाइन मैसेज के माध्यम के एक-दूसरे को बधाई दी गई।
इलाहाबादी-बनारसी सेवइयां नहीं दिखी बाजार में
ईद के मौके पर चांदनी चौक में सेवइयों की कई दुकानें सज जाती थीं। खासकर समाज के लोग इलाहाबादी, बनारसी सेवइयों के बाद राउरकेला की लछेदार, कोलकाता वाली डबल फ्राई सेवई की मांग करते थे। सालों से ईद पर इसका कारोबार करने वाले मोहम्मद अमानी ने बताया कि शुरुआत में 1 क्विंटल इलाहाबादी-बनारसी सेवई काफी कोशिश के बाद पार्सल से मंगाई गई।तीन से चार दिन में बिक गई। अब बाहर की पसंदीदा सेवई लोगों को नहीं मिल पा रही है।

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