परेशानी:डॉक्टर व स्टाफ कम,  67 मौतें सिर्फ मेडिकल कॉलेज में

रायगढ़6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मेडिकल कॉलेज में शिकायतें क्योंकि 15 डॉक्टर्स चाहिए लेकिन केवल 8 ही हैं ड्यूटी पर

मेडिकल कॉलेज और कोविड हॉस्पिटलों में डॉक्टर्स और स्टाफ की कमी है। इलाज और व्यवस्था में लगे डॉक्टर्स का मानना है कि स्टाफ की कमी के कारण ही शिकायतें आती हैं। 200 बेड हॉस्पिटल में अभी तीन शिफ्ट में तीन-तीन डॉक्टर्स भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर्स दो साल तक ग्रामीण इलाकों में सेवा देते हैं लेकिन आपातकाल में इन्हें भी कोविड केयर सेंटरों में तैनात किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार इस साल राज्य सरकार ने 19 डॉक्टर्स की पोस्टिंग की है, जिसमें से अभी दो डॉक्टर्स ने ही ज्वाइनिंग दी है। इन डॉक्टरों को ज्वाइनिंग देने के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है। दो दिनों के भीतर में यदि ये डॉक्टर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करते हैं तो स्वास्थ्य विभाग इन पर कार्रवाई करेगा। मई में एमबीबीएस के रिजल्ट के बाद कॉलेज 45 डॉक्टर निकलेंगे।

200 बेडेड मेडिकल कॉलेज सेंटर में सबसे अधिक मौतें

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के 200 बेड हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा कोरोना मौत हुई है। जिले में अप्रैल में अब तक 180 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है इसमें सबसे अधिक 67 मौतें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई हैं। इसकी बड़ी वजह डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. हरीश उरांव बताते हैं कि मेडिकल कॉलेज में 140 संक्रमितों का इलाज हो रहा है। आईसीयू, एचडीयू और 6 वार्ड में तीनों शिफ्टों में कम से कम एक-एक डॉक्टर यानि एक शिफ्ट के लिए मेडिकल कॉलेज कोविड सेंटर में कम से कम 5 डॉक्टर्स होने चाहिए लेकिन तीन शिफ्ट के लिए कुल 8 डॉक्टर हैं। गुरुवार से दो डॉक्टर क्वारेंटाइन में चल जाएंगे, इसके बाद सिर्फ 6 डॉक्टर बच जाएंगे।

2 दिन के भीतर ज्वाइन नहीं किया तो कार्रवाई

राज्य सरकार ने 19 डॉक्टर्स को जिले में पदस्थापना दी है। दो ने ज्वाइन किया है लेकिन बाकी डॉक्टर्स नहीं आए हैं। अगर दो दिन के भीतर उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की तो कार्रवाई होगी। अभी जो भी डॉक्टर्स आएंगे, सभी की ड्‌यूटी कोविड अस्पतालों में लगाई जाएगी। 130 नर्सिंग स्टाफ की भी नियुक्ति की जा रही है। ये लोग धीरे-धीरे ज्वाइन कर रहे हैं, उपलब्ध संसाधनों से कोविड केयर अच्छे ढंग से किया जा रहा है।''
-डॉ एसएन केशरी, सीएमएचओ

खबरें और भी हैं...