स्कूल चलें हम:एक-दो को छोड़ बाकी स्कूल छात्रों के लिए चलाएंगे बसें, कल से अधिकांश निजी स्कूलों में लगेगी क्लास

रायगढ़एक महीने पहले
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सरकार ने निजी स्कूलों की बसों के 16 महीनों का परमिट शुल्क माफ कर दिया है। सरकारी स्कूलों में सारे छात्रों को पहले ही बुलाया जा रहा है और अब सोमवार से निजी स्कूल के सभी स्टूडेंट्स को बुलाया जाएगा । कुछ स्कूलों को छोड़कर बाकी बसें चलाएंगे। नर्सरी से बारहवीं तक की सारी क्लासेज लगेंगी ।

शिक्षा विभाग की सहायक संचालक दिप्ती अग्रवाल ने बताया कि बैठक व्यवस्था में सावधानी के साथ सरकारी स्कूलों में अब सारे स्टूडेंट्स बुलाए जा रहे हैं। ऑफलाइन परीक्षाएं भी होनी है, अब सारे स्टूडेंट्स को बुलाएंगे संस्कार पब्लिक स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर सीपी देवांगन ने बताया कि नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई हो रही है। 40 फीसदी स्टूडेंट्स आ रहे हैं। सोमवार से ऑफलाइन क्लासेस शुरू होंगी। सारी बसें चलेंगी चलाएंगे, सभी क्लासेस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। नौवीं से 12वीं तक सीबीएसई की दो पार्ट में परीक्षा होनी है। परीक्षा नवंबर के अंतिम सप्ताह ऑफलाइन में ही होगी, इसकी भी तैयारी कर ली है।

16 माह का परमिट में राहत मिलेगी
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों के विरोध के बाद 16 माह का परमिट शुल्क में माफ किया गया है। इसमें कोरोना काल के दौरान के जो बसे खड़ी हुई थी, वह अब चलेगी। इसमें राज्य स्तर पर छूट मिल गई है।

फैक्ट फाइल

  • 370 प्राइवेट स्कूल है।
  • 120 बसें हैं । 50 बसों के परमिट कैंसिल कराए गए हैं।
  • ओपी जिंदल स्कूल में 32, डीपीएस में 25 और संस्कार में 15 बसें हैं।
  • इसमें परिवहन विभाग स्कूल संचालकों से 60 रुपए प्रति सीट के अनुसार तीन माह का लेती है। एक बस का हर तिमाही 2100-3100 रुपए परमिट शुल्क लगता है। 6 तिमाही में एक तरह से छूट मिलेगी, जिसमें 18 हजार 600 रुपए की छूट मिलेगी। इस तरह स्कूल संचालकों का 15 लाख रुपए तक का टैक्स माफ हो जाएगा।

छमाही परीक्षा भी नवंबर के मध्य से
स्कूल खुलने के बाद प्राइवेट और सरकारी दोनों स्कूलों में अद्धवार्षिक परीक्षाएं भी होंगी । सीबीएसई ने नौवीं से बारहवीं तक दो बार टर्म में एग्जाम कराने का निर्णय लिया है। पहली से आठवीं तक स्टूडेंट्स की भी परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी। अद्धवार्षिक परीक्षाएं इसी महीने से कराई जाएगी। सीजी बोर्ड के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में इसी या अगले सप्ताह से ही छमाही परीक्षाएं शुरू होंगी। पिछले डेढ़ वर्षों से अधिक समय से स्टूडेंट्स ने ऑफलाइन परीक्षा नहीं दी है। यह पहला मौका होगा जब स्टूडेंट्स स्कूलों में परीक्षाएं देंगे। लगातार छुटि्टयों की वजह से सिलेबस भी पिछड़ा है । कुछ प्राइवेट स्कूल सिलेबस पूरा करने के लिए एक्सट्रा क्लास भी लगा रहे हैं।

नर्सरी से बारहवीं तक की क्लास लेंगे
डीपीएस के संचालक सहज अग्रवाल ने बताया कि नर्सरी से बाहरवीं तक के स्टूडेंट्स के पैरेंट्स से बात की गई थी । कुछ पैरेंट्स या स्टूडेंट ऑफलाइन क्लास से सहमत नहीं थे उन्हें ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा । अभी सभी पैरेंट्स अपने बच्चों को भेजने के लिए तैयार हैं। सोमवार से पूरी क्षमता के साथ स्कूल चलेंगे, सारी 25 बसें चलेंगी। ऑफलाइन मोड में ही पढ़ाई के लिए कराएंगे, नियमों की बाध्यता नहीं है, सारे स्टूडेंट्स बुलाए जा सकते हैं।

हर महीने ‌~500अधिक लगेगा बस का भाड़ा
सरकार से परमिट माफ होने के बाद भी स्कूल संचालक डीजल महंगा होने का हवाला देकर बस शुक्ल में हर महीने 500 रुपए तक की बढ़ोतरी करेंगे । शहर के कुछ बड़े स्कूल प्रबंधन अभी भी कोविड का खतरा मानकर बसें चलाना नहीं चाह रहे हैं। 9वीं से 12वीं तक क्लासेस के स्टूडेंट्स अपने ही इंतजाम करने के लिए कह रहे हैं।

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