शारदीय नवरात्र:शहर के पंडालों में कल से विराजेंगी जगत जननी, बड़े आयोजन नहीं होंगे

रायगढ़2 महीने पहले
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मां दुर्गा के स्वागत के लिए शहर में पंडाल बनकर तैयार। - Dainik Bhaskar
मां दुर्गा के स्वागत के लिए शहर में पंडाल बनकर तैयार।
  • हंडी चौक से कोतवाली रोड व एमजी रोड पर 4 पहिया वाहनों एंट्री होगी बंद

मंगलवार को सप्तमी के दिन से शहर के पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। शहर में इस बार पंडाल और मूर्तियां छोटी ही होंगी, लेकिन लगभग डेढ़ साल के बाद हो रहे बड़े उत्सव पर लोगों की भीड़ होगी। ट्रैफिक के दबाव से लोगों को परेशानी न हो, इसलिए यातायात पुलिस इसे लेकर तैयारी कर रही है। कुछ सड़कों पर चार पहिया वाहनों की एंट्री बंद होगी। हटरी चौक, कोतवाली के सामने, रामनिवास टॉकीज चौक इलाकों में पंडाल बनाए गए हैं।

हंडी चौक से सुभाष चौक तक झालर और सजावट की गई है। कोतवाली के सामने दुर्गा पंडायल को फूलों और पत्तों से सजाया गया है। गांधीगंज, चक्रधर नगर, हटरी और हंडी चौक में दुर्गा पंडाल बनाए गए हैं। मंगलवार ये भक्त यहां दर्शन के लिए आएंगे। बंगाली समाज इस बार भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए दुर्गोत्सव पर पिछले साल की तरह ही पारंपरिक रूप से पूजा करेगा। यहां बड़ा उत्सव नहीं होगा, सीमित संख्या में भक्त पूजा में शामिल होंगे।

रोड संकरी इसलिए चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक

ट्रैफिक डीएसपी पुष्पेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि हंडी चौक से कोतवाली थाने की तरफ चारपहिया वाहन का प्रवेश वर्जित होगा। चार पहिया वाहनों को स्टेशन चौक और गांधी प्रतिमा चौक की तरफ से जाना होगा। ट्रैफिक बढ़ा तो हटरी चौक से कोतवाली की तरफ भी चारपहिया वाहनों को जाने अनुमति नहीं दी जाएगी। 300 मीटर की दूरी पर तीन जगह पंडाल बनाए गए हैं। वही गोपी टॉकीज-रामनिवास टॉकीज चौक और एमजी रोड संकरा है, यातायात बढ़ने पर इन मार्गों को वन वे किया जाएगा।

आज निकाली जाएगी कलश यात्रा- मंगलवार को शहर में विभिन्न समितियों द्वारा मां की मुर्ति स्थापित की जाएगी। इससे पहले समितियों द्वारा आज कलशयात्रा निकाली जाएगी। गाजे-बाजे के साथ राजापारा स्थित महामाया घाट में जल भरने पहुंचेगी।

स्पर्धाएं नहीं पारंपरिक रूप से होगी विशेष पूजा

सार्वजनिक पूजा समिति दक्षिण पूर्वी मध्य रेलवे एसोसिएशन द्वारा काली मंदिर में सोमवार से दुर्गा उत्सव की शुरुआत होगी। दुर्गा देवी की षष्ठी पूजा होगी। मंगलवार को सप्तमी और शुक्रवार को दशमी की पूजा की जाएगी। शुक्रवार को सिंदूर खेला के साथ प्रतिमा का विर्सजन होगा। समिति ने बताया है कि स्पर्धाएं या सामूहिक कार्यक्रम नहीं करने का निर्णय लिया है।

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