जल्द शुरू होंगी स्कूल बसें,:निजी स्कूलों में शुरू हुई दसवीं और बारहवीं की ऑफलाइन पढ़ाई, कोविड के डर से संख्या कम

रायगढ़3 महीने पहले
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  • निजी स्कूलों ने कहा-नहीं बढ़े कोविड मरीज तो शुरू होंगी सारी क्लास

सरकारी स्कूलों के बाद प्राइवेट स्कूलों ने भी ऑफलाइन पढ़ाई यानि क्लासरूम में स्टूडेंट्स आने लगे हैं। इन स्कूलों में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की पढ़ाई शुरू कराई है, स्कूल प्रबंधन कहते हैं कि बोर्ड स्टूडेंट्स की पढ़ाई जरूरी है। हालांकि संक्रमण के डर से 30 फीसदी स्टूडेंट्स स्कूल आ रहे हैं। यही स्थिति सरकारी स्कूलों में भी है। कुछ सरकारी स्कूलों में भीड़ है जबकि ज्यादातर स्कूलों में संख्या 25 फीसदी तक है।

सरकारी स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मोहल्ला क्लास के निर्देश हैं। लेकिन शहरी इलाकों में ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। पर्याप्त जगह नहीं होने और स्टूडेंट्स दूर-दूर होने के कारण एक साथ बैठाकर पढ़ाने जैसी जगह नही मिल पा रही है। कहीं स्टूडेंट्स बुलाएं तो संख्या ज्यादा हो जाएगी। इसलिए जूटमिल, गर्ल्स स्कूल, नटवर स्कूल में ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे है। गर्ल्स स्कूल में 12वीं में 126 स्टूडेंट्स हैं। इनमें 23 लोग ही ऑफलाइन पढ़ने आ रहे हैं। इसी तरह दसवीं के 87 स्टूडेंट्स में 15 ही स्कूल आ रहे हैं। प्राचार्य रविन्द्र पटेल ने कहा कि अभिभावकों में डर है इसलिए स्टूडेंट्स नहीं भेज रहे हैं। जूटमिल हायर सेकंडरी स्कूल में भी दसवीं में 180 स्टूडेंट्स हैं उसमें 60 आ रहे हैं जिसमें 15-20 स्टूडेंट्स को एक क्लास में बैठाया जा रहा है। प्राचार्य एसके चन्द्रा ने बताया कि वहां भी मोहल्ला नहीं करा सकते इसलिए ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं।

निजी स्कूल में बोर्ड वाली कक्षा के स्टूडेंट्स आ रहे हैं स्कूल
इंडियन स्कूल की प्राचार्य गार्गी चटर्जी ने बताया कि शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के बाद हमने दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई कराना शुरू करा दी है। दसवीं और बारहवीं के स्टूडेंट्स को आल्टरनेट डेज यानि एक-एक दिन की आड़ में बुलाया जाता है। 25-30 स्टूडेंट्स बुलाकर ऑफलाइन पढ़ा रहे हैं। प्रायमरी और मिडिल क्लास क्लासेस के अभिभावक अभी स्कूल भेजना नहीं चाह रह हैं। माना जा रहा है कि कोरोना के तीसरी लहर का खतरा टलने के बाद ही निजी और प्राइवेट स्कूल सामान्य तरीके से चल सकेंगे।

10वीं-12वीं के 15-20% बच्चे जा रहे हैं स्कूल
ओपी जिंदल स्कूल के प्रिंसिपल आरके त्रिवेदी ने बताया कि हमने भी दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई ऑफलाइन शुरू करा दी है। दो क्लासेस में हमारे 850 स्टूडेंट्स हैं। इसमें 90-100 स्टूडेंट्स क्लास अटेंड करने आते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं जिन्हें ऑनलाइन क्लासेज में दिक्कत हो रही थी। ऑफलाइन के साथ हम ऑनलाइन लाइव क्लास कराते हैं। ओवरऑल अटेंडेंस ठीक है। अगले कुछ दिनों में हम प्रायमरी और मिडिल क्लासेस खोलने की तैयारी कर रहे हैं। अगर कोविड के केसेज नहीं बढ़े तो जल्द ही क्लासेज शुरू की जाएंगी। गौरतलब है कि शहर के दूसरे प्राइवेट स्कूलों में भी दसवीं और बारहवीं बोर्ड के स्टूडेंट्स का 25-30 स्टूडेंट्स का ग्रुप बुलाकर ऑफलाइन पढ़ाई कराई जा रही है।

स्कूल संचालन में ये दिक्कतें

  • अभिभावक को सर्दी, खांसी, बुखार है तो भी स्टूडेंट्स स्कूल नहीं आ रहे हैं। फ्लू जैसे लक्षण होे पर भी बच्चों को शिक्षक नहीं आने की सलाह दे रहे हैं।
  • बड़े स्कूलों को पार्षद या सरपंच से अनुशंसा करने के लिए कहा जा रहा है, वहीं पालक समिति से सहमति लेने के लिए कह रहे हैं।
  • सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन क्लास में एक ही समय में दो-दो क्लासेस हो रही हैं, परिवार में दो बच्चे हैं तो क्लास में परेशानी।
  • सरकारी स्कूलों में एक बेंच में एक ही स्टूडेंट बैठाने के लिए कहा गया है, लेकिन स्टूडेंट्स आ जाने की वजह से इस नियम पालन नहीं हो पा रहा है। सारे बेंच को जोड़कर बच्चे बैठाए जा रहे हैं।

100 फीसदी क्षमता से साथ चला सकेंगे स्कूल बस

आरटीओ सुमित अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा अधिकारी के पास कुछ स्कूल संचालकों ने बसों को चलाने की मांग रखी थी। जिसके बाद शनिवार को कैंप रखा गया था जिसमें चार स्कूलों ने बसों को चलाने के पहले फिटनेस कराया गया है। किरोड़ीमलनगर और लैलूंगा के दो स्कूलों ने अपनी बसें लाई थी, अभी 100 फीसदी कैपेसिटी के साथ बसों को चला सकते है।

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