जनरल प्रमोशन या डिमोशन:पहली से आठवीं के 1.45 लाख विद्यार्थियों में 39.76% ही मिले उस कक्षा के लायक

रायगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पहली परीक्षा में लीपापोती के बाद राज्यभर में हुई दूसरी बेसलाइन परीक्षा, स्टूडेंट्स से पूछे थे पिछली कक्षा के सवाल। - Dainik Bhaskar
पहली परीक्षा में लीपापोती के बाद राज्यभर में हुई दूसरी बेसलाइन परीक्षा, स्टूडेंट्स से पूछे थे पिछली कक्षा के सवाल।

सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स की पढ़ाई का स्तर देखने के लिए सितंबर में बेसलाइन परीक्षा कराई गई थी। अक्टूबर में परिणाम आने के बाद अब ब्लाकवार रिपोर्ट तैयार हुई है एक लाख 44 हजार 528 स्टूडेंट्स इस परीक्षा में शामिल हुए थे लेकिन 85 हजार 813 स्टूडेंट्स में पढ़ाई का स्तर खराब मिला है। यानि सिर्फ 39.76 फीसदी स्टूडेंट्स ही अपनी कक्षा के लायक पाए गए।

शिक्षा विभाग के अफसर और शिक्षक मानते हैं कि कोरोना के कारण शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। शिक्षकों का कहना है कि संक्रमण की वजह से स्कूल बंद थे, लगभग डेढ़ साल तक पढ़ाई स्कूल के बजाय ऑनलाइन होती रही। इसके साथ ही विद्यार्थियों को दो सत्र में लगातार जनरल प्रमोशन दिया गया, ऐसे में स्टूडेंट्स का आंकलन अब किया जा रहा है। बेसलाइन सर्वे में जो कमियां पाई गई है, उसे सुधारने के लिए प्रयास स्कूल स्तर पर किया जा रहा है। सबसे बेहतर प्रदर्शन बरमकेला ब्लाक का रहा जबकि सबसे फिसड्डी धरमजयगढ़ रहा है।

इसमें सिर्फ 8 स्कूलों में एंट्री नहीं करने की बात सामने आई है, इसमें धरमजयगढ़ में दो और बरमकेला में 3 स्कूल शामिल हैं। यहां लगभग 2048 विद्यार्थियों बेसलाइन परीक्षा में हिस्सा ही नहीं लिया है। अक्टूबर में रिजल्ट के बाद नवंबर तक परीक्षा परिणामों की एंट्री चलती रही। पढ़ाई तुंहर द्वार पोर्टल के माध्यम से पूरे राज्य की स्थिति का आकलन किया गया है।

मिडलाइन परीक्षा भी इस माह के अंत तक
मिडलाइन परीक्षा भी दिसंबर के अंत तक होंगी। इसमें अगस्त से दिसंबर तक पढ़ाए गए सिलेबस पढ़ाई की परीक्षा होगी। यह भी आकलन परीक्षा ही होगी जिससे यह पता चलेगा कि पढ़ाई को विद्यार्थी कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा कराने का निर्देश जारी कर दिया है। हर वर्ष बेसलाइन, मिडलाइन और फिर अंतिम परीक्षा होती है। देर से सत्र शुरू होने के कारण परीक्षाओं का शेड्यूल बदल गया है।

सुधार के लिए कहा है, मिडलाइन परीक्षा होगी
समग्र शिक्षा अभियान के सहायक परियोजना समन्वयक भुवनेश्वर पटेल ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से पढ़ाई प्रभावित हुई है, बेसलाइन के रिजल्ट के आधार पर पिछड़े हैं उसे सुधारने के लिए शिक्षकों को कहा गया है। इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आने वाले समय में मिडलाइन परीक्षा भी होनी है, इसमें भी स्टूडेंट्स की स्थिति का आकलन अभी फिर से एक बार हो जाएगी।

खबरें और भी हैं...