अधर में ओवरब्रिज:यात्री ट्रेनें कैंसिल हुईं, हर तरफ चल रहा है मेंटेनेंस, रेलवे हमें ही नहीं दे रहा अनुमति

रायगढ़एक महीने पहले
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मालगाड़ियों के परिचालन के साथ ही हावड़ा-मुंबई रूट पर रेलवे लाइन के विस्तार या मरम्मत के लिए आए दिन ट्रेनें कैंसिल हो रही हैं। रायगढ़ में बन रहे आरओबी को पूरा करने गर्डर लॉंचिंग के लिए रेलवे से ब्लॉक (ट्रेनों की आवाजाही रोकना) नसीब नहीं हो पा रहा है। सेतू निगम के अफसरों ने ब्लॉक लेने में गंभीरता नहीं दिखाई जिसके कारण पहले जनवरी से मई तक ब्रिज का काम पूरा नहीं हो सका है। 26 अप्रैल को ब्लॉक के लिए आवेदन दिया गया लेकिन अब तक रेलवे ने समय नहीं दिया है।

वाई शेप में बनने वाले इस ओवरब्रिज कोतरा, कुरमापाली, तारापुर, नंदेली, सक्ती, जांजगीर-चांपा से शहर को जोड़ेगा। वहीं छातामुड़ा चौक से रेलवे फाटक होकर ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जाने वाले वाहन भी रेलवे फाटक के बजाय इस ब्रिज से गुजरेंगे। कोतरा रोड रेलवे क्रासिंग में हर आधे घंटे में बंद रहने से गाड़ियों का लंबा जाम लग जाता है। ओवरब्रिज के मार्च के आखिर तक पूरा करने की बात कही गई थी। इसके तीन हिस्सों का काम लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे लाइन के ऊपर के हिस्से के लिए गर्डर लॉंचिंग की वजह से काम रुका हुआ है।

12 गर्डर लांच होंगे, एक दिन में दो घंटे का ब्लॉक मिलेगा
सेतू निगम के इंजीनियरों ने बताया कि ओवरब्रिज में 12 गर्डर लांच होंगे। एक हफ्ते का समय लग जाएगा। रेलवे एक दिन में दो- दो घंटे से ज्यादा ब्लॉक नहीं देती है। अभी कोयले के संकट की स्थिति गुड्स ट्रेनों का भी दबाव है। दो घंटे से ज्यादा का ब्लॉक नहीं मिलना है। एक दिन में सिर्फ दो- दो गर्डर ही लांच होगा। कुल 12 गार्डर लांच होना है, ऐसे में 6 दिन का समय लगेगा।

अफसरों ने दिखाई सुस्ती
मार्च से ही रेलवे ओवरब्रिज का ज्यादातर काम हो चुका है। गर्डर लॉंचिंग के लिए आवेदन से मंजूरी में सेतू विभाग के इंजीनियरों ने ही रुचि नहीं दिखाई। दरअसल सेतू संभाग में ईई और एसडीओ का डेढ़ माह पहले ट्रांसफर हो गया है। विभाग का काम प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रहा था। प्रभारी अफसरों ने रेलवे ब्लॉक के आवेदन और मंजूरी जरूरी नहीं समझी। जांजगीर और बिलासपुर में ओवरब्रिज और नेशनल हाईवे के ब्रिज के लिए कुछ दिन पहले ही रेलवे ने ही समय दिया था, वहां काम हो चुका है लेकिन रायगढ़ के आरओबी के लिए ब्लॉक नहीं मिला ।

फैक्ट फाइल

  • काम शुरू हुआ- 2020 में
  • 2022 के मार्च तक काम पूरा करना था, अब 3-3 माह का समय बढ़ रहा है।
  • लागत- 70.70 करोड़
  • लाभ- फाटक से रोजाना 13 हजार वाहन बिना रुके चलेंगे

खुद प्रयास करेंगे, रेलवे अफसर से मिलेंगे
कोतरा रोड ओवरब्रिज को पूरा करने के लिए गर्डर लॉंच करने हैं। रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद ही वह संभव है। गर्डर लांचिंग की मंजूरी हो गई है। मैंने दो दिन पहले ज्वाइन किया है। इंजीनियरों से जो बातचीत हुई है। मैं खुद प्रयास करूंगा और रेलवे अफसरों से मिलूंगा, कोशिश है कि काम जल्दी हो जाए।

विवेक शुक्ला, ईई, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग

लंबा ब्लॉक चाहिए, रेलवे बोर्ड ही दे सकता है टाइम
यदि 3 घंटे से ज्यादा का ब्लॉक चाहिए तो रेलवे बोर्ड से परमिशन मिलती है। रेलवे हेडक्वार्टर से फाइल रेलवे बोर्ड जाएगी। कोतरा रोड ओवरब्रिज में ज्यादा समय लगना है ऐसे में ब्लॉक का दिन और समय रेलवे बोर्ड से ही तय करेगा।
पुलकित सिंघल, सीनियर डीसीएम

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