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बाकी ट्रेनों की भी समीक्षा कर रहा है रेलवे:लॉकडाउन में यात्री घटे; नुकसान हो रहा था, रेलवे ने बंद की जेडी पैसेंजर

रायगढ़एक महीने पहले
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  • बंद हो सकती हैं छोटी दूरी की सभी सवारी गाड़ियां

बुधवार को रेलवे ने एक स्पेशल ट्रेन और चार पैसेंजरों ट्रेनें बंद कर दीं। बंद की गई ट्रेनों में रायगढ़ होकर चलने वाली झारसुगुड़ा-गोंदिया यानि जेडी पैसेंजर है। भास्कर ने 6 मई को ही खबर प्रकाशित कर जेडी में क्षमता से 10 फीसदी यात्री से कम होने और ट्रेन के बंद होने की आशंका जाहिर की थी। अफसरों के अनुसार दूसरी ट्रेनों की भी समीक्षा की जा रही है।

यदि यात्रियों की संख्या लगातार गिरती रही तो उन्हें भी बंद किया जाएगा। जनवरी में कोरोना के मामले कम होने के बाद जब देश के साथ ही प्रदेश में रायपुर-दुर्ग रूट पर यात्री ट्रेनें शुरू की गईं तो स्थानीय संगठनों ने ट्रेनें शुरू करने दबाव बनाया। अप्रैल में ट्रेनें शुरू की गईं। ट्रेनें शुरू होने के कुछ दिन बाद ही लॉकडाउन की घोषणा हो गई। अप्रैल के शुरुआती 15 दिनों में ही प्रदेश के अधिकतर जिलों में लॉकडाउन लग गया। ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की स्टेशन पर जांच के साथ ही ट्रेन में यात्रा के दौरान संक्रमित होने के खतरे के मध्य यात्रियों की संख्या कम हो गई। बिलासपुर और झारसुगुड़ा की ओर चलने वाली ट्रेनों में हर रोज 100 यात्री भी सफर नहीं कर पा रहे हैं। रेलवे नियमों के मुताबिक यदि ट्रेनों में क्षमता के मुकाबले 10 प्रतिशत से अधिक यात्री संख्या नहीं है तो ट्रेन रद्द की जानी है। झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलने वाली ट्रेन को 14 से 30 मई तक के लिए बंद कर दिया गया है।

एक्सप्रेस ट्रेनों का भी यही हाल
लोकल पैसेंजर ट्रेनों के साथ एक्सप्रेस ट्रेनों का भी यही हाल है। दिल्ली से ओडिशा के बीच चलने वाली उत्कल एक्सप्रेस में भी पैसेंजर की भारी कमी है। दो दिन पहले रेलवे ने हावड़ा से अहमदाबाद तक चलने वाली हापा एक्सप्रेस को बंद किया। हावड़ा-मुंबई रूट की कई ट्रेनों को रेलवे ने वॉच लिस्ट में डाला है, इनकी समीक्षा की जा रही है। लॉकडाउन में ढील नहीं मिली और कोरोना के केस बढ़ते रहे तो ट्रेनें बंद होंगी।

लॉकडाउन के बाद से नहीं बिका प्लेटफार्म टिकट
लॉकडाउन के बाद से एक भी प्लेटफार्म टिकट नहीं बिका है। लोग परिजन को छोड़ने के लिए स्टेशन भी नहीं जाते और ना ही कोई किसी को लेने जाता है। क्योंकि यात्रियों को रिसीव करने आने वालों को भी यात्री के साथ क्वारेंटाइन किए जाने की आशंका है। इस डर से दूसरे राज्यों से आए यात्रियों को कोई रिसीव करने नहीं जाता है। लॉकडाउन के बाद से एक भी प्लेटफार्म टिकट नहीं बिकी है। जबकि शुरुआती कुछ दिनों में प्लेटफार्म टिकट की प्रतिदिन बिक्री 100 तक पहुंच गई थी।

ट्रेने में कम हैं यात्री
अभी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम है। एक्सप्रेस ट्रेनों का भी यही हाल है। लोकल ट्रेनों में हर दिन 20-25 यात्री ही सफर कर रहे हैं। जेडी पैसेंजर को 30 मई तक के लिए रद्द किया गया है।''
-अनिल चंद्रा, कमर्सियल इंस्पेक्टर, रायगढ़ रेलवे

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