आंदोलन:11 घंटे तक पटरी पर बैठे रहे लोग, 14 घंटे छोटे स्टेशनों व आउटर पर खड़ी रहीं ट्रेनें

रायगढ़एक महीने पहले
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ओडिशा के गारपोष में आंदोलनकारी। - Dainik Bhaskar
ओडिशा के गारपोष में आंदोलनकारी।
  • राउरकेला के नजदीक गारपोष में ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग पर लोगों के आंदोलन से बिगड़ी ट्रेनों की चाल, आश्वासन पर माने

ओडिशा में राउरकेला के नजदीक गारपोष में ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग को लेकर बुधवार सुबह 6 से शाम 5 बजे तक रेल रोको आंदोलन चला। सैकड़ों आंदोलनकारी रेल लाइन के बीच पटरियों पर बैठे रहे। इससे हावड़ा-मुंबई मार्ग पर ट्रेनें प्रभावित रहीं।

हावड़ा से आने वाली ट्रेनें राउरकेला और आसपास के स्टेशनों में दिनभर खड़ी रहीं। प्रमुख ट्रेनें 12-14 घंटे की देरी से रात 9 बजे रायगढ़ पहुंचीं। ऋषिकेष से पुरी जाने वाली ट्रेन दोपहर 1.30 बजे पहुंची। ट्रेन रायगढ़ में खड़ी रही दोपहर बाद इसे रवाना किया गया। राउरकेला के गारपोष में स्थानीय लोग स्टॉपेज करने की मांग पर रेल पटरियों में बैठे रहे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थीं। शाम 5 बजे जब वहां के लोगों को आश्वासन दिया गया, तब रेल यातायात बहाल हो सका। दुर्ग से राजेन्द्र नगर जाने वाली ट्रेन रात 9 बजे रायगढ़ से रवाना की गई है। राजेन्द्र नगर से दुर्ग की ओर जाने वाली ट्रेन भी रात 9 बजे पहुंची। यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही बैठ ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। उत्कल एक्सप्रेस के यात्री 2.30 घंटे तक ट्रेनों में बैठ कर गाड़ी जाने का इंतजार करते रहे।

हावड़ा की तरफ जाने वाली ट्रेनें भी 3 घंटे देर से चलीं
चीफ स्टेशन मास्टर पीके राउत ने बताया कि डाउन ट्रेन में आजाद हिंद और हावड़ा मुम्बई मेल जैसी ट्रेनें भी ढाई, 3 घंटे देर देर से छोड़ी गईं। मंगलवार को ओडिशा के ही अंगुल के पास मालगाड़ी के भी पटरी से डिरेल होने का असर ट्रेनों पर पड़ा है। ढेंकानाल के पास कल मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण पुरी से बीकानेर जाने वाली जो ट्रेन डायवर्ट की गई थी वह भी बुधवार के आंदोलन के कारण चक्रधरपुर में फंसी रही। मंगलवार से बुधवार तक 20 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। प्रदर्शन खत्म होने के बाद ट्रेनों को एक-एक कर रवाना किया जा रहा है। बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक चलने वाली और बीआर लोकल पैसेंजर ट्रेन समय पर चली है।

दोनों दिशा की साउथ बिहार एक्सप्रेस पर असर
दुर्ग-राजेंद्रनगर स्पेशल दोनों ओर से, योग नगरी ऋषिकेश-पुरी स्पेशल दोनों ओर से, मुंबई-हावड़ा स्पेशल ट्रेन, एलटीटी-कामाख्या स्पेशल, अहमदाबाद-हावड़ा स्पेशल सहित अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुईं।

प्लेटफॉर्म पर दिनभर परेशान होते रहे यात्री
दोनों दिशा में यात्रा करने वाले लोग प्लेटफार्म पर बैठे रहे। स्थानीय लोग मोबाइल एप से और स्टेशन आकर ट्रेनों का हाल लेते रहे लेकिन आसपास से आए यात्रियों को दिनभर प्लेटफार्म पर ही गुजारना पड़ा। बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाकर आंदोलन की जानकारी लेते रहे। छोटे बच्चों के साथ आए लोगों को ज्यादा परेशानी हुई। प्लेटफार्म पर भोजन का इंतजाम नहीं होने के कारण लोग बाहर होटलों से खाना लेकर आए।

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