पर्यावरण:शहर में पिछले साल से अधिक रहा प्रदूषण, पर खतरनाक स्तर से कम

रायगढ़24 दिन पहले
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  • ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर से ज्यादा, आतिशबाजी से दूषित हुई हवा

दिवाली पर इस बार उत्साह दिखा। शहर में पटाखे पिछले साल के मुकाबले ज्यादा फोड़े गए। इसके असर से शहर में प्रदूषण पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा रहा हालांकि चिंताजनक या खतरनाक स्तर से वायु प्रदूषण अभी भी कम ही है। ध्वनि प्रदूषण तय सीमा से अधिक हुआ है। पर्यावरण विभाग ने शहर में प्रदूषण मापने के लिए दो जगह मॉनिटरिंग कराई थी।

पर्यावरण विभाग द्वारा की गई जांच के आंकड़े देखें तो वायु में पीएम 2.5, 2019 के मुकाबले ज्यादा रहा लेकिन पीएम-10 का प्रदूषण कम रहा है। अफसर कहते हैं कि समग्रता में समझें तो प्रदूषण पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत बढ़ा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स की जानकारी देने वाली वेबसाइट पर गौर करें तो हफ्ते भर पहले और अब में हवा का प्रदूषण 32 गुना बढ़ा है। बढ़े हुए प्रदूषण की वजह आतिशबाजी के साथ ही खराब सड़कें और खुले वाहनों में कोयले का परिवहन भी है। पिछले साल कोरोना संक्रमण के डर और रोकटोक के कारण दुकानें कम खुलीं और पटाखे कम जलाए गए इस बार आतिशबाजी ज्यादा हुई।

क्या होता हैं पीएम 10 और 2.5 स्तर
पीएम यानि पर्टिकुलेट मैटर, जो प्रदूषण फैलाने वाले ठोस और तरल तत्वों का मिश्रण होता है। पीएम 2.5 में 2.5 माइक्रो मीटर यानि 0.0025 मिमी छोटे होते हैं । पीएम 10, 10 माइक्रो मीटर यानि 0.010 मिमी आकार के कणों की गिनती की जाती है। 1 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर में पीएम की उपलब्धता से प्रदूषण का स्तर तय होता है। एक बाल की गोलाई के 30वें हिस्से के बराबर होने के कारण शरीर के रोम छिद्रों से शरीर के अंदर चले जाते हैं, और इससे लीवर, फेफड़े आदि प्रभावित होते हैं।

प्रतिबंधित पटाखों पर लगाई रोक, फिर भी बढ़ा प्रदूषण
दिवाली पर शहर में प्रदूषण का स्तर जांचने दो जगह मॉनिटरिंग की गई। पिछले वर्षों की तुलना में इस साल ध्वनि और वायु प्रदूषण ज्यादा रहा, हालांकि खतरनाक स्तर से प्रदूषण अब भी कम है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से पटाखे कम फोड़े गए थे। लेकिन अब सब कुछ सामान्य है। पटाखे ज्यादा फोड़े गए। 2019 की तुलना में प्रदूषण का स्तर पर कम है । हमने प्रदूषण कम करने के लिए जागरूकता अभियान करने के अलावा मार्केट और गोदामों का निरीक्षण किया था। प्रतिबंधित पटाखों पर रोक लगाई गई थी।''
-एसके वर्मा, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी

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