6 मई को अपीलेट ट्रिब्यूनल का फैसला:नया एग्रीमेंट होने तक उद्योगों को 4 रुपए के भाव से बिजली दिलाए नियामक आयोग: ट्रिब्यूनल

रायगढ़14 दिन पहले
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अपीलेट ट्रिब्यूनल से 6 मई को पुरानी दरों पर बिजली सप्लाई करने से संबंधी आदेश मिलने के बाद शनिवार को रायगढ़ इस्पात उद्योग संघ के सदस्यों ने प्रभारी कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल से मुलाकात की। संघ के लोगों ने बताया कि नियामक आयोग को दिए ट्रिब्यूनल के डायरेक्शन के बाद भी जेएसपीएल ने संघ से जुड़े प्लांट्स को बिजली सप्लाई शुरू नहीं की है। वहीं जेएसपीएल द्वारा बैठक नहीं किए जाने की बात भी कही।

पूंजीपथरा के इंडस्ट्रियल पार्क के 40 से अधिक प्लांट्स को पुराने करार के मुताबिक जेएसपीएल द्वारा बिजली की सप्लाई की जाती है। सप्लाई पिछले लगभग एक महीने से प्रभावित है। कुछ घंटे ही बिजली मिल पाने के कारण ज्यादातर प्लांट्स बंद कर दिए गए हैं। रायगढ़ इस्पात उद्योग संघ और जेएसपीएल प्रबंधन के बीच कई दिनों से खींचतान जारी है। संघ ने प्रदर्शन और रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया वहीं जेएसपीएल ने बिजली सप्लाई नहीं किए जाने की वजह पावर शॉर्टेज बताई। विवाद बिजली की दरों को लेकर है।

दरअसल 30 जून 2018 को हुए करार के मुताबिक जेएसपीएल द्वारा 4 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दी जानी है। कोयले की कमी और बिजली की डिमांड के बढ़ने से बिजली महंगी हुई है। जेएसपीएल द्वारा पहले बिजली काटे जाने के विरोध में संघ के पांच प्लांट्स संचालकों ने राज्य नियामक आयोग से गुहार लगाई थी जिसके बाद आयोग ने बिजली सप्लाई बहाल करने का आदेश दिया था।

इसके बाद संघ के बाकी सदस्यों ने अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी में अपील की थी। जेएसपीएल विरूद्ध राज्य नियामक आयोग और रायगढ़ इस्पात उद्योग संघ के प्रकरण में सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने 6 मई को नियामक आयोग को निर्देशित किया है कि नई दरों का निर्धारण होने तक उद्योग संघ को पुरानी दरों ( 4 रुपए प्रति यूनिट) की दर से बिजली दिलाई जाए।

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