पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

हौसला रखा और हराया कोविड को:कोरोना से जीत लौटे, बोले: अब भेदभाव व लोगों के डर को हराना है

रायगढ़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • घर लौटे लोगों का हौसला बुलंद, बोले: सावधान रहिए हौवा खड़ा मत कीजिए, कुछ लोगों ने कहा: दूध वाले ने बंद कर दिया आना, रिश्तेदार और पड़ोसी घर के बाहर सड़क पर रख जाते हैं सब्जी व सामान

जिले में रविवार तक कोरोना के मरीजों की संख्या 329 हो चुकी है। 211 ठीक हो चुके हैं। जिले में रिकवरी रेट अच्छी बताई जा रही है। आंकड़ों में एक्टिव मरीज 113 हैं, ये ज्यादा इसलिए हैं क्योंकि पिछले छह दिनों में ही 90 संक्रमित मिले हैं। कोमॉर्बिडिटी (पहले से गंभीर बीमारी) के कारण 3 और 2 सामान्य मिलाकर कोरोना से 5 मौतें हुई हैं। जिले में दहशत है लेकिन जो लोग कोरोना को हराकर घर लौटे हैं उनके हौसले बुलंद हैं। ये लोग सतर्क रहने, बचाव के उपाय करने की सलाह दे रहे हैं। कहते हैं हौवा खड़ाकर ठीक नहीं है। संक्रमित पाए जाने पर परिचित लोग नकारात्मक माहौल बना देते हैं, ठीक होकर लौटने के बाद भी लोग दूरी बनाकर रखते हैं, यह तकलीफ देने वाला है। भास्कर ने कोविड से जीतकर लौटे कुछ लोगों और उनके परिजन से बात की।

अपना बर्ताव सुधारें लोग

कोतरा रोड निवासी श्रीकांत जायसवाल कहते हैं, पिताजी 3 अगस्त को कोरोना से जंग जीतकर घर लौट चुके हैं। घर वालों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव है। हमारे लिए सबकुछ सामान्य है लेकिन लोगों का बर्ताव बदल गया है, दूध वाले ने घर आना ही बंद कर दिया। परिचित डेयरी वाला अब दूध सड़क के किनारे रख जाता है, किराएदार और रिश्तेदार किसी तरह सब्जियां व जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं। सावधानी जरूरी है लेकिन ठीक होकर लौटे वो लोग जो 7 दिन का आइसोलेशन भी पूरा कर चुके हैं उनसे सामान्य व्यवहार होना चाहिए।

घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं, दूर से बात कर रहे
कबीर चौक निवासी संजय सिंह में लक्षण नहीं थे लेकिन जांच में कोविड पॉजिटिव पाया गया तो आसपास में चर्चा का विषय बन गया। संजय कहते हैं, अस्पताल में चिकित्सकों ने अच्छा इलाज किया। नर्सिंग स्टाफ भी हर रोज हौसला बढ़ाते थे। ठीक होकर घर लौट चुका हूं, लेकिन बाहर लोगों में दहशत देखकर घर में ज्यादा समय बिताता हूं। सामान की जरूरत पड़े तो रिश्तेदारों को फोन करता हूं। अजीब है कि बाजार में लोग सोशल डिस्टेंसिंग और प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखते पर कोई पड़ोसी बीमार हो जाए ठीक होने पर भी दूरी रखते हैं।

लोगों के रिएक्शन देख घबरा जाते हैं मरीज, यह ठीक नहीं
धंगारडीपा के रंजीत कुमार 26 जून को संक्रमण के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जीवन सामान्य है, कोई तकलीफ नहीं। हमारे यहां व्यवस्था अच्छी है, घबराने की कोई बात नहीं है। वे खुद लोगों से दूरी रखते हैं लेकिन भेदभाव से तकलीफ होती है। संक्रमण आने के कारण व्यक्ति पर पहले ही दबाव होता है और जब स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल लेकर जाती है तो पीपीई किट पहने कर्मियों के अलावा दूसरे से देखने और फोटो खींचने वालों की भीड़ देखकर घबराहट बढ़ जाती है।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- लाभदायक समय है। किसी भी कार्य तथा मेहनत का पूरा-पूरा फल मिलेगा। फोन कॉल के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण सूचना मिलने की संभावना है। मार्केटिंग व मीडिया से संबंधित कार्यों पर ही अपना पूरा ध्यान कें...

और पढ़ें