स्वामित्व योजना:ड्रोन से होगा सर्वे, मालिक होने का देंगे प्रमाण पत्र

रायगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • प्रदेश के तीन जिलों में शुरू, रायगढ़ में नवंबर से गांव-गांव किया जाएगा आबादी भूमि का सर्वे

ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत सम्पत्ति मालिक का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर सम्पत्ति मालिक को अधिकार का सर्टिफिकेट देने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की है। योजना का राज्य में लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व विभाग को नोडल विभाग बनाया है। साथ ही केन्द्रीय पंचायत राज मंत्रालय, राज्य पंचायती राज विभाग छत्तीसगढ़, सर्वे ऑफ इंडिया, राज्य सूचना केन्द्र एवं ग्राम पंचायतें परस्पर सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे।

योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ के दुर्ग, कबीरधाम एवं कोरबा से हो गई है। जल्द ही रायगढ़ सहित अन्य जिले में यह सर्वे कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ के भू-अभिलेख आयुक्त के अनुसार भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय नई दिल्ली ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत संपत्ति मालिकों को ड्रोन के माध्यम से सर्वे का अधिकार रिकार्ड देने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की है। देश में योजना के पायलेट चरण के सफल होने के बाद दूसरे चरण में अन्य राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का भी चयन किया है, जिसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। स्वामित्व योजना में ग्राम का चयन करने के बाद ग्राम, ग्राम सभा, विशेष ग्राम सभा, मुनादी, लाउडस्पीकर और टेलीविजन इत्यादि के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ड्रोन सर्वे के एक दिन पहले, राजस्व एवं पंचायत विभाग के कर्मचारियों द्वारा चूना मार्किंग की जाएगी। ड्रोन सर्वे का कार्य सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से किया जाएगा। सर्वे के दौरान पंचायतों के सरपंच, सम्पत्ति मालिक, पुलिस कर्मचारी आदि उपस्थित रहेंगे।

सर्वे से मिले नक्शे का घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
ड्रोन सर्वे के बाद सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त नक्शे का राजस्व एवं पंचायत विभाग के अमले द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद नक्शे का प्रारंभिक प्रकाशन होगा, जिसमें सम्पत्तिधारकों से दावा आपत्ति आमंत्रित की जाएगी। आपत्ति और विवाद का निपटारा तहसील, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा कलेक्टर स्तर पर होगा।

कम होंगे जमीनों के विवाद, सर्टिफिकेट से मिलेगा लोन

  • स्वामित्व योजना से सम्पत्ति मालिक को सम्पत्ति का प्रमाण पत्र एवं भू-स्वामित्व प्राप्त होगा।
  • ड्रोन सर्वे से रिकार्ड बनाने में शुद्धता आएगी।
  • सर्टिफिकेट से बैंक लोन लेना आसान हो जाएगा।
  • सम्पत्ति की खरीदी एवं बिक्री का हस्तांतरण आसानी से हो सकेगा।
  • सर्वेक्षण के पूर्व चूना मार्किंग होने से निर्मित अभिलेख से सम्पत्ति विवाद कम होंगे।
  • ग्रापं की सम्पत्ति शासकीय और सार्वजनिक सम्पत्ति की सीमा एवं क्षेत्रफल सुनिश्चित होने से उसका रखरखाव अच्छे से हो सकेगा।

नवंबर तक शुरू हो सकता है काम
सम्पत्ति मालिक को अधिकार का सर्टिफिकेट देने के लिए स्वामित्व योजना शुरू होनी है। योजना नवंबर तक शुरू हो सकती है। इसके पहले ड्रोन सर्वे होना है। सर्वे ऑफ इंडिया से कलेक्टोरेट में एक टावर भी लगाया जाएगा। पहले दुर्ग, कवर्धा और कोरबा में लागू किया गया है। रायगढ़ में इसे दिया जाना है, इस योजना के तहत लोगों आबादी भूमि का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। सर्वे का काम पहले किया जाएगा।''
-आरए कुरुवंशी, अपर कलेक्टर

खबरें और भी हैं...