उद्योगों में मिलती है नौकरी:इसलिए पॉलीटेक्निक में इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल ब्रांच की डिमांड ज्यादा

रायगढ़एक महीने पहले
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  • सीटों की संख्या से ढाई गुना ज्यादा आवेदन, इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टूडेंट्स कम

पॉलीटेक्निक कॉलेज में एडमिशन शुरू हो गए हैं। पीपीटी में सफल हुए स्टूडेंट्स की काउंसलिंग हो रही है। इस बार पॉलीटेक्निक में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल जैसी ब्रांचों की डिमांड ज्यादा है। कॉलेज में कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच में भी दाखिले के लिए स्टूडेंट्स की भीड़ है।

औद्योगिक जिला होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और मेटलर्जी के स्टूडेंट्स का कैम्पस सिलेक्शन तुरंत हो रहा है। जॉब की गारंटी के कारण पॉलीटेक्निक में स्टूडेंट्स बढ़ रहे हैं। शहर के इकलौते इंजीनियरिंग कॉलेज केआईटी जहां स्टूडेंट्स की कमी और संसाधन नहीं होने से बंदी की कगार पर है। कम्प्यूटर साइंस और इलेक्ट्रानिक्स एंड टेली कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट का प्लेसमेंट बैंगलोर और हैदराबाद की बड़ी कंपनियों में अच्छे पैकेज पर हुआ है। वहीं पॉलीटेक्निक कॉलेज में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ी है। 336 सीटों के लिए फर्स्ट राउंड काउंसलिंग में 940 स्टूडेंट्स ने आवेदन किया है।

3 ब्रांच में ज्यादा आवेदन
पॉलीटेक्निक कॉलेज में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल में सबसे ज्यादा आवेदन आए हैं। इलेक्ट्रिकल में 84 सीटों के लिए 260 आवेदन आ चुके हैं। मैकेनिकल की 84 सीटों पर 200 आवेदन आए हैं। सिविल की 42 सीटों पर 187 स्टूडेंट्स ने आवेदन किए हैं। कम्प्यूटर साइंस में 42 सीटों पर सिर्फ 169 आवेदन आए हैं।

20 तक पूरे होंगे एडमिशन
पहले चरण की काउंसलिंग मे जिले और आसपास के स्टूडेंट्स ज्यादा आए हैं । 16 अक्टूबर तक प्रक्रिया पूरी होगी । 18 से 20 अक्टूबर के बीच स्टूडेंट्स एडमिशन ले सकेंगे। 12वीं पास करने के बाद लेटरल कोर्सेज में भी स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं। ऐसी 46 सीटों में 19 पर एडमिशन हुए हैं।

जिले के लिए मेटलर्जी अहम, पर कम स्टूडेंट्स लेते हैं एडमिशन
पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रभारी संजीव सोनी ने बताया कि मेटलर्जी में भी काफी स्कोप है। सिलेबस कठिन होने की वजह से इसका चयन कम होता है। मेटलर्जी के स्टूडेंट्स का जेएसडब्ल्यू में सलेक्शन इसके पहले भी जेएसपीएल और स्टील प्लांट्स में मेटलर्जी स्टूडेंट्स को जॉब मिला है।

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