सजा सुनाई:कोर्ट में नायब तहसीलदार से बदतमीजी खनिज व्यवसायी को तीन महीने की सजा

रायगढ़2 महीने पहले
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  • एक साल पहले तहसील आफिस सारंगढ़ में फैसला देने बनाया था दबाव

एक साल पहले सारंगढ़ तहसील कार्यालय में घुसकर नायब तहसीलदार पर फैसला देने का दबाव बनाते हुए अभद्र व्यवहार करने वाले आरोपी को जज ने तीन महीने जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी किसी मामले में अफसर पर अपने पक्ष में फैसला सुनाने का दबाव बना रहा था।

अभियोजन के अनुसार एक साल पहले 7 जनवरी 2019 की दोपहर 4 बजे आरोपी खनिज व्यवसायी दीपक अग्रवाल तहसील कार्यालय सारंगढ़ में घुसा और नायब तहसीलदार पर फैसला देने का दबाव बनाने लगा। नायब तहसीलदार ने जब उसे समझाया कि मामले की सुनवाई तहसीलदार के कोर्ट में होगी तो वह भड़क उठा और नायाब तहसीलदार को गालियां देते हुए अभद्र व्यवहार किया। इसकी सूचना पीड़ित अफसर ने थाने में दी।

पुलिस ने मामले में जांच के बाद आरोपी दीपक अग्रवाल को गिरफ्तारकर कोर्ट में पेश किया। जहां जज गिरिजा देवी मरावी में मामले में दोनों पक्षों को सुना और गवाहों पर विचार करने के बाद मामले में दीपक को शासकीय काम में बाधा डालने और अनुसूचित जाति की महिला से अभद्र व्यवहार करने का दोषी पाया। जज ने कहा कि अनुसूचित जाति की महिला जानते हुए आरोपी ने जानबूझकर उसके साथ गलत व्यवहार किया जो माफी के लायक नहीं है। उन्होंने अभियुक्त दीपक अग्रवाल को तीन माह जेल और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अभियुक्त द्वारा जुर्माना नहीं पटाने की स्थिति में उसे 15 दिन अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।

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