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रेडियोलॉजी सेंटर पर आरोप:सीटी स्कैन की दो रिपोर्ट; एक सामान्य, दूसरे में लंग्स 60 % संक्रमित

रायगढ़8 दिन पहले
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  • परिवार ने रिपोर्ट गलत बताकर कलेक्टर, एसपी व सीएमएचओ से की शिकायत डॉक्टर बोले: रिपोर्ट गलत होती तो दोनों पेज पर होती, एक मे नहीं

शहर के एक परिवार ने एक रेडियोलॉजी सेंटर पर आरोप लगाते हुए कलेक्टर, एसपी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत की है। शिकायत में परिवार की महिला के सीटी स्कैन में फेफड़ों को संक्रमित बताकर उसका गलत इलाज कराने की सलाह देने की बात कही गई है। मामले में रेडियोलॉजी सेंटर के संचालक ने कहा है कि रिपोर्ट गलत नहीं है, अगर गलत होती तो स्कैन और ऑब्जर्वेशन दोनों गलत होते, जिस रिपोर्ट के आधार पर शिकायत की गई है वह फर्जी है।

कोतरा रोड निवासी दिलीप कुमार अग्रवाल के अनुसार 23 अप्रैल को उनकी पत्नी संतोषी अग्रवाल में कोरोना लक्षण दिख रहे थे। प्रारंभिक जांच के बाद अनुपम डायग्नोस्टिक से एचआरसीटी टेस्ट (सीटी स्कैन) कराया। 1 दिन बाद 27 अप्रैल को रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में संतोषी के चेस्ट में 60 प्रतिशत संक्रमण होने की जानकारी थी। दिलीप ने दामाद विकास अग्रवाल को रिपोर्ट भेजकर उसे दूसरे डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा। विकास ने ससुर से मिली जांच रिपोर्ट को एम्स के डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने वीडियो क्लिप देखने के बाद रिपोर्ट गलत बने होने की बात कही। परिवार ने दोबारा 29 अप्रैल को ऑलिव डायग्नोस्टिक में एचआरसीटी जांच कराई। रिपोर्ट समान्य आई, जिसपर परिवार ने डॉ. अरुण केडिया से संपर्क किया तो उन्होंने मानवीय भूल बताकर सुधरी हुई रिपोर्ट भेज दी।

इस तरह से समझिए कहां और क्या गड़बड़ी हुई
फेफड़े में संक्रमण की जांच के लिए एचआरसीटी टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में चार पन्नों की रिपोर्ट दी जाती है। शुरुआत में फेफड़ों के पांच बांटे हुए भाग में कौन सा हिस्सा कितना प्रभावित हुआ है। यह बताया जाता है। दूसरे पन्ने में रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट के आधार पर डिटेल के साथ निष्कर्ष देते हैं। गलती इसी दूसरे पन्ने पर हुई है। जहां पर निष्कर्ष दिया जाता है। यहां पर फेफड़ों को संक्रमित बता दिया गया है। वहीं डॉ केडिया के अनुसार यह दूसरा पन्ना उनकी क्लीनिक से दिया ही नहीं गया है।

डॉक्टर ने दी थी भर्ती करने की सलाह- परिवार के अनुसार उन्होंने डॉक्टर गणेश पटेल से भी संपर्क किया था। डॉक्टर ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। हालांकि गणेश पटेल ने भास्कर से हुई बातचीत में बताया कि उन्होंने ऑक्सीजन लेवल देखते रहने और निमोनिया का लक्षण दिखने के कारण उन्हें इलाज की जरूरत पड़ने की बात कही थी। डॉ. गणेश पटेल ने यह भी बताया कि मरीज इलाज कराना नहीं चाह रहा था। वह केवल इधर-उधर की बातें कर रहा था।

आरोप लगाने वाले दिलीप अग्रवाल के सवालों पर डॉक्टर का यह जवाब

दिलीप अग्रवाल परिवार से

  • सवाल- सीटी स्कैन कराने पर फेफड़े को डैमेज बता उसे अस्पातल में भर्ती करने की सलाह दी गई।

डॉ. अरुण केडिया

  • जवाब: हमने रिपोर्ट सही दी है। रिपोर्ट गलत देना होता तो दोनों पेज पर गलत होती। एक ही पेज पर गलत रिपोर्ट चली गई है। बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया है।
  • सवाल: कोई भी द्वारा डॉक्टर हमेशा टेक्नीशियन (रेडियोलॉजिस्ट) द्वारा दिए गए रिपोर्ट को निष्कर्ष को ही पढ़ आगे इलाज कराने की सलाह देता है। ऐसे में ये त्रुटि गंभीर थी।
  • जवाब- हमने कोई भी गलती नहीं की है। हमारा प्रयास हमेशा बेहतर करने का होता है। किसी को ही हम गलत रिपोर्ट क्यों देंगे।
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