बाजार में उत्सव:दो हजार बाइक, 150 प्लाट और घर बिके, 100 से अधिक कारों की बिक्री, इतनी ही बुक भी कराई गई

रायगढ़2 महीने पहले
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  • नवरात्र पर ग्राहकों की भीड़ से बाजार में त्यौहार, कारोबारियों का अनुमान- दिवाली में भी चहकेगा

नवरात्र से त्यौहारों की शुरुआत हो जाती है। शहर के बाजार में भी उत्सव का रंग दिख रहा है। अरसे बाद ऑटोमोबाइल, रियल इस्टेट में तेजी दिख रही है। अप्रैल मध्य से जून के पहले हफ्ते तक लॉकडाउन और फिर कोरोना के खतरे के कारण बाजार में ग्राहक कम थे। फिर पितृपक्ष में शुभ कार्य निषेध होने के कारण भी व्यापार में सुस्ती थी।

अब नवरात्र से कारोबारी तेजी दिख रही है, व्यवसायी दिवाली में भी बाजार के अच्छे होने की उम्मीद में हैं। शहर में बाइक और चार पहिया वाहनों की बिक्री में तेजी आई है। नवरात्र के दौरान लगभग दो हजार बाइक बिकी हैं। वहीं 100 से ज्यादा चार पहिया वाहन बिके हैं और लगभग इतनी ही गाड़ियां बुक कराई गई हैं। ऑटोमोबाइल कंपनी कारों में लगे वाले सेमी कंडक्टर चिप की सप्लाई नहीं होने के कारण सप्लाई कम कर रही हैं। कारोबारियों के मुताबिक बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई है। बुकिंग पिछले कुछ सालों में सर्वाधिक है। इसकी वजह कोरोना के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग कम होना है। ऑटोमोबाइल डीलर्स का मानना है कि दिवाली पर कारोबार और बेहतर होगा।

डिमांड ज्यादा, सप्लाई कम... सालों बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में ऐसी स्थिति
बाइक में ही नए मॉडल का स्टॉक कम है, इसलिए ग्राहक अगले मुहूर्त के लिए बुकिंग करा रहे हैं। एक ऑटोमोबाइल कंपनी की कर्मचारी सुचि चौधरी ने बताया कि धनतेरस और दीवाली के लिए अभी से लोग बुकिंग करा रहे हैं, जैसी डिमांड है उसके अनुपात में सप्लाई कम है नहीं तो बिक्री और ज्यादा होती। होंडा शोरूम के संचालक पंकज अग्रवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद ऑटोमोबाइल कारोबार में डिमांड बढ़ी है। फोर वीलर ऑटोमोबाइल कारोबारियों ने बताया कि सेमी कंडक्टर चिप ताइवान, चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया में बनती है। लॉकडाउन के कारण परेशानी आई, कार का प्रोडक्शन कम हुआ है दशहरे में जो गाड़ियां बुक हुई थीं उसकी डिलीवरी कर दी गई, दिवाली तक शॉर्टेज खत्म हो जाएगी।

प्रापर्टी में निवेश भी बढ़ा
नवरात्र में शहर में जमीनों की रजिस्ट्री बढ़ी है। हर रोज 33 स्लॉट बुक हो रहे हैं, हर रोज 18-20 रजिस्ट्री हो रही हैं। इसमें ज्यादातर शहर में प्लाट या मकानों की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री है। आठ दिन में ही 150 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। रजिस्ट्री कार्यालय के प्रभारी राजेश बेहरा ने बताया कि पितृ पक्ष जाने के बाद लोग शहर में रजिस्ट्रियां बढ़ी है, दो गवाहों के साथ क्रेता-विक्रेता को एक साथ आना होता है। ऑनलाइन डाक्यूमेंटेशन में देर के कारण कई लोग स्लॉट मिलने के बाद भी नहीं पहुंच पाते हैं।

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