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खाद की कमी बन रही है सिरदर्द:20 दिन बाद मिली यूरिया, एक समिति को 30 टन ही मिलेगी

रायगढ़14 दिन पहले
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  • डीएपी कम, किसानों को दे रहे एनपीके, बाजार से महंगी खाद खरीदने को मजबूर हैं किसान

खरीफ फसल में खेतों में अब बारिश होने के बाद खाद की जरूरत पड़ रही है, दिन से अधिक समय से यूरिया नहीं आ रही थी। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई थी। डीएपी खाद की कमी भी बनी हुई थी, सोमवार को यूरिया का एक रैक आया। सोमवार सुबह से ही जिले की सोसाइटियों में उसे बांटना शुरू कर दिया। हालांकि स्टॉक कम होने के कारण एक समिति में 30 टन ही दिया जाएगा।

दरअसल यूरिया मार्केट में नहीं मिलने के बाद बाजार में 288 रुपए का बोरा मार्केट में 500 रुपए में बिक रहा था। प्रशासन और कृषि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। लगातार धरपकड़ और कार्रवाई होने के बाद भी पुसौर, रायगढ़, सारंगढ़ जैसे ब्लॉकों से महंगे कीमतों में खाद मिल रहा था, सोसाइटियों में नहीं मिलने की वजह से किसानों को मजबूरन दुकानों से खरीदना पड़ रहा था।

सोसाइटियों को अभी दी सिर्फ 30-30 टन यूरिया
डीएमओ एसके गुप्ता ने बताया कि अभी एक रेक में 2600 टन यूरिया आती है। 60 फीसदी यूरिया सोसाइटियों को और 40 फीसदी हिस्सा प्राइवेट दुकानों को दिया जाएगा। अभी जो स्टॉक मिला है उसमें सिर्फ 30-30 टन यूरिया ही सोसाइटियों को दिया जा सकेगा, इससे ज्यादा यूरिया नहीं दिया जा सकता है।

डीएपी भी नहीं, दे रहे हैं एनपीके
स्टॉक में डीएपी भी नहीं है, हालांकि अभी डीएपी कम मात्रा में लगता है, लेकिन स्टॉक सिर्फ 90 टन बचा हुआ है। इसके बदले अब एनपीए का स्टॉक मंगवा कर उसे बांटा जा रहा है, अभी 700 एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम) विश्रामपुर से मंगवाया गया है, उसे फिर दिया जाएगा। अब उसे सोसाइटियों में बांटा जाएगा।

यह एक-दो दिन में खत्म हो जाएगा स्टॉक
बारिश होने के बाद अगले 15-20 दिनों में यूरिया की जरूरत ज्यादा रहेगी। यूरिया की डिमांड ज्यादा है, ऐसे में अफसरों के अनुसार इसी माह सबसे ज्यादा यूरिया की डिमांड रहेगी। पिछले माह यूरिया आने की बात सामने आने की सूचना के बाद सारंगढ़ की एक सोसाइटी में किसानों ने पूरा गाड़ी को घेर लिया था, उसके बाद खाद वही से खाद लेने की जिद्द करने लगे। ऐसे में फिर प्रशासनिक और पुलिस के अफसरों को जाकर मामला शांत कराना पड़ा।

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