जाते-जाते मानसून की शहर पर मेहरबानी:एक घंटे की बारिश से सड़कों पर पानी, नाले हुए ओवरफ्लो

रायगढ़15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मालधक्का अंडरब्रिज में भरा नाले का पानी, फिर भी यहां से गुजरना लोगों की मजबूरी। - Dainik Bhaskar
मालधक्का अंडरब्रिज में भरा नाले का पानी, फिर भी यहां से गुजरना लोगों की मजबूरी।
  • गांवों में बारिश नहीं, किसान बोले- दो-तीन बारिश और चाहिए नहीं तो कम होगा उत्पादन

गुरुवार को सुबह बादलों के साथ धूप खिली। दोपहर को अचानक तेज बारिश हुई। लगभग एक घंटे हुई बारिश से शहर तर हो गया। थोड़ी सी बारिश से ही शहर तर हो गया। दोपहर से शाम तक शहर में धुंध छाई रही। शुक्रवार को भी हल्की बारिश का अनुमान है।

दोपहर 2 बजे अचानक तेज बारिश हुई। खंड वर्षा के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर बारिश हुई। ग्रामीण इलाकों में अधिकांश जगह बारिश नहीं हुई। जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश नहीं हुई। किसान कहते हैं कि बेहतर उत्पादन के लिए एक-दो बारिश और चाहिए। जिले में इस साल 10 वर्षों की औसत वर्षा के मुकाबले 83 प्रतिशत ही बारिश हुई। 7 अक्टूबर तक औसत बारिश 1132 मिमी है जबकि इस साल अब तक 939 मिमी बारिश हुई है। जिले में सबसे अधिक बारिश सारंगढ़ में 103 प्रतिशत हुई वहीं रायगढ़ ब्लाक में सबसे कम 70 प्रतिशत बारिश रिकॉर्ड की गई है।

थोड़ी सी बारिश में शहर बेहाल, अंडरब्रिज भी डूबा
हाइवे और ग्रामीण इलाकों की सड़कें परेशानी खड़ी करती हैं वहीं थोड़ी सी बारिश में शहर के भीतर भी चलना मुश्किल हो जाता है। 15 साल से गोपी टॉकीज बिजली विभाग के दफ्तर के बीच की सड़क पर पानी जमा हो जाता है लेकिन नगर निगम इसका हल नहीं ढूंढ पाया है। खराब सड़क के कारण गुरुवार को थोड़ी देर हुई बारिश के बाद ढिमरापुर, पुलिस लाइन, गायत्री मंदिर रोड, कोतरा रोड समेत ज्यादातर सड़कों पर गड्‌ढों में पानी भर गया। कहीं नाली का पानी सड़क पर बहने लगा। इससे लोगों को परेशानी हुई। रेलवे अंडर ब्रिज भी नाली के गंदे पानी से डूब गया।

बारिश नहीं हुई तो 20 प्रतिशत घटेगा उत्पादन
जतरी के किसान विद्याधर पटेल ने बताया कि जिले में इस बार खंड वर्षा जैसी स्थिति है। एक जगह ज्यादा तो दूसरी जगह कम बारिश हो रही है। विद्याधर कहते हैं कि अभी धान की फसल को दो-तीन अच्छी बारिश की जरूरत है। दशहरे के आसपास जिले में बारिश का रिकार्ड रहा है। अगर बारिश नहीं हुई तो कुछ जगह पौधे मर जाएंगे या बालियां में धान का विकास नहीं हो पाएगा। इससे धान में वजन कम और दाने खराब होंगे।

खबरें और भी हैं...