भ्रष्टाचार:शिकायत हुई तो गिराई सामग्री लेकिन गांव की सड़क फिर भी नहीं बनवाई

पत्थलगांव2 महीने पहले
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  • 2020 तक ही पूरा होना था काम, ग्रामीणों ने बताया आहरित हुई धनराशि

केन्द्र सरकार ने ग्राम पंचायत कुमेकेला को आदर्श ग्राम घोषित किया है, जिसे लेकर समय-समय पर केन्द्र सरकार की इस ग्राम पंचायत में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जाती है। उसके अलावा राज्य के सरकार द्वारा भी भारी भरकम रकम ग्राम पंचायत के खातो मे विभिन्न योजनाओ के तहत भेजी जाती है। लेकिन इस पंचायत के सरपंच सचिव योजनाओं के नाम पर सरकार की आंखो में धूल झोंकने का काम कर रहे है। बताया जाता है कि सरपंच सचिव की मिलीभगत के कारण यहां होने वाले अधिकांश निर्माण कार्य भष्ट्राचार की भेंट चढे़ हुए हैं। सरपंच सचिव की मनमानी के सामने ग्रामीणों के द्वारा आवाज उठाने पर उन्हे धमकी देकर शांत करा दिया जाता है।

इस ग्राम पंचायत का ताजा मामला तब सामने आया जब कलेक्टर महादेव कावरे 2 अगस्त को पत्थलगांव प्रवास पर थे। ग्राम पंचायत कुमेकेला के एक दर्जन ग्रामीणों के साथ फलित एवं विजय ने सीसी सडक के भ्रष्टााचार के संबंध मे कलेक्टर को लिखित शिकायत प्रस्तुत की। पूरा मामला बिना निर्माण के सीसी सडक की राशि आहरण करने का है। ग्रामीणों ने कलेक्टर के अलावा एसडीएम को भी ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत के बाद आदर्श ग्राम कुमेकेला में सीसी सड़क के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बताया जाता है कि 14वें वित्त के तहत इस स्थल पर करीब 100 मीटर सीसी रोड़ के निर्माण की स्वीकृति मिली है। सड़क का निर्माण महादेव टिकरा से ललित घर तक किया जाना था। ग्रामीणों के अनुसार लाखों रुपए की इस सड़क का निर्माण वर्ष 2020 में होना था,इसके लिए 2020 में ही गिट्टी, बालू और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्रियों का भंडारण भी कर लिया गया था।

आनन फानन में सड़क निर्माण की कोशिश
कुमेकेला के शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सरपंच सचिव जांच से बचने के लिए आनन फानन में सड़क का निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। एसडीएम को दी गई शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि जांच से बचने के लिए सरपंच सचिव सीसी सड़क निर्माण स्थल में गिट्टी बालू गिराकर प्रशासन की आंख में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक वर्ष पूर्व राशि आहरण करने के बाद शिकायत होने पर सरपंच सचिव के द्वारा निर्माण सामग्री गिराना जांच से बचने का उपाय नजर आ रहा है। उनका कहना था कि राशि आहरण करने का समय एवं निर्माण सामग्री गिराने के दौरान की उचित जाचं की जाती है तो दोषियों का कृत्य सामने आ सकता है।

योजनाओें के नाम पर हो रही है बंदरबांट
शासन स्तर से ग्राम पंचायत के खातो मे 14 वें वित्त योजना के नाम पर भारी भरकम रकम जमा कराई जाती है। आहरण सरपंच सचिव के हस्ताक्षर से किया जाता है। बताया जाता है कि इस राशि का आहरण कर अनेक जगह के पंचायत प्रतिनिधि अनियमितताओं को जन्म देते है। ग्राम पंचायत कुमेकेला मे भी 14 वें वित्त की राशि का आहरण कर सरपंच सचिव पूरी सड़क ही ढकार गए। जिसका ना तो एमबी बुक में रिकार्ड चढ़वाया और ना ही किसी इंजीनियर से मूल्यांकन करवाया।

जांच के बाद कार्रवाई
ग्रामीणो की शिकायत के आधार पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।’’
-महादेव कावरे,कलेक्टर जशपुर

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