शिवरीनारायण में 3 की मौत:कार्यक्रम में शामिल होने आया बुजुर्ग लौट नहीं पाया, कोराेना से मौत

शिवरीनारायण6 महीने पहले
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शव को को एम्बुलेंस में ले जाते कर्मी। - Dainik Bhaskar
शव को को एम्बुलेंस में ले जाते कर्मी।
  • लॉकडाउन के कारण कोरबा नहीं लौट पाया

नगर में कोरोना से तीन मौतें हुई हैं। वही संक्रमितों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कोरबा के एक अधेड़ ने कोरोना से नगर में दम तोड़ा। मिली जानकारी के अनुसार गेंदराम केंवट उम्र 56 वर्ष कोरबा का रहने वाला था। वह विगत 12 अप्रैल को अपने परिवार में वार्ड क्रमांक 7 के बुटीराम केंवट के मृतक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। जो कि 13 अप्रैल से लॉकडाउन हो जाने के वजह से अपने शहर कोरबा नही जा सका।

उसे सर्दी खाँसी बुख़ार बदन दर्द की परेशानी थी। बुधवार सुबह डॉक्टर ने उसे कोरोना जांच कराने की सलाह दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरौद में कोरोना जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। थोड़ी देर बाद सांस लेने में परेशानी होने लगी। जिसके बाद परिजन एम्बुलेंस बुलाकर जांजगीर ले जाने लगे लेकिन कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। पीपीई किट पहनकर शव को ले जाकर बैराज के पीछे नगर पंचायत द्वारा जेसीबी से गड्‌ढा कर दफनाया गया। सीएमओ हितेन्द्र यादव ने एम्बुलेंस, घर सहित आसपास को सेनिटाइज करवाया।

डॉक्टर नरेश साहू ने बताया मृतक के घर परिवार सहित सम्पर्क में आए लोगों को कल कोरोना जांच कराने कहा गया है जिससे संक्रमण न फैले। अंतिम संस्कार करवाने में पार्षद भरतमणी वैष्णव, मनोज पटेल, रूपेश वैष्णव, रामेश्वर देवांगन, बजरंग यादव, शिवेन्द्र श्रीवास, प्रकाश सहिस शामिल थे।

4 दिन के भीतर नगर के पिता बेटी की हुई कोरोना से मौत

इसके पूर्व 4 दिन के भीतर नगर के पिता पुत्री की कोरोना से मौत हो गई थी। वार्ड क्रमांक 15 के कपूरचंद विश्वकर्मा 65 वर्ष व उनकी बेटी विमला विश्वकर्मा 23 वर्ष की कोरोना से मौत हो गई। शनिवार को पिता की कोरोना से मौत हुई जिसके बाद सोमवार को बेटी की भी तबियत खराब हो गई जिसे ऑक्सीजन व्यवस्था कर बिलासपुर के निजी हॉस्पिटल ले जाया गया था जहां उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत बताई किंतु बहुत से हॉस्पिटल घूमने के बाद भी वेंटिलेटर की व्यवस्था नही होने के कारण उसे वापस शिवरीनारायण ले आए थे। मंगलवार सुबह उसकी भी मौत हो गई।

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