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कोरोना का असर:2 दर्जन समितियों में से किसी ने नहीं दिया बप्पा की मूर्ति बनाने का ऑर्डर

बलौदाबाजार12 दिन पहले
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  • 30 साल में पहली बार 50 लाख तक होने वाला कारोबार 5 लाख रुपए पर पहुंचा

इस साल गणेशोत्सव की शुरुआत 22 अगस्त से हो रही है। वहीं कोरोना के कारण भगवान गणेश इस बार समितियों की जगह घरों में ही बिराजेंगे। बलौदाबाजार शहर के 30 साल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब सार्वजनिक स्थल पर भगवान गणेश की विशाल प्रतिमाएं विराजित नहीं की जाएगी। इसके बजाए लोग घरों और समितियां छोटी-छोटी प्रतिमाएं घर में ही विराजित करेंगी। शहर सहित गांवों में 4 हजार से अधिक प्रतिमाएं विराजित की जाती हैं। इसकी अनुमानित लागत 50 लाख रुपए होती है। कोरोना काल में इस बार व्यवसाय ठप हो चुका है। इसके कारण व्यापारी और मूर्तिकार सिर्फ 5 लाख कारोबार का अंदेशा जता रहे हैं। शहर में लगभग दो दर्जन पंडाल समितियां विशाल प्रतिमाएं विराजित करती हैं। इनमें से एक ने भी अब तक मूर्ति बनाने का ऑर्डर नहीं दिया है।

गौरतलब है कि शहर में गणेशोत्सव के दौरान होने वाली विशेष सजावट व झांकियों वाले बड़े पंडाल लगाते थे जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या मे लोग पहुंचते थे। फरवरी माह में ही बंगाल से आने वाले 10-12 मूर्तिकारों व उनके सहयोगियों का दल शहर के विभिन्न हिस्सों में किराए के मकान लेकर सैकड़ों मूर्तियों को आकार देते थे मगर इस बार कोलकाता से शहर में सिर्फ एक ही मूर्तिकार केसी पाल आया है। वह भी सिर्फ छोटी-छोटी मूर्तियां बनाने के बाद नवरात्रि के लिए दुर्गा मां की मूर्तियां बनाने में लग गया है।

समितियां भी हाथ खींच रही हैं
सिंचाई कॉलोनी

शहर में सबसे बड़ी मूर्ति सिंचाई कॉलोनी दुर्गोत्सव समिति द्वारा स्थापित की जाती थी। पंडाल एवं गणेश मूर्ति में ही लगभग 4 से 5 लाख रुपए हर साल खर्च किए जाते थे। इस बार समिति ने आयोजन को वृहद रूप न देकर सीमित करने का निर्णय लिया है।

पुराना बस स्टैंड
पुराना बस स्टैंड गणेशोत्सव समिति में 5 फीट से भी बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती थी। आयोजन में 4-5 लाख रुपए खर्च आता था। समिति अध्यक्ष सतीश साहू ने बताया कि इस बार छोटी मूर्ति ही स्थापित की जाएगी। कोरोना के चलते नियमों की तरह ही मनाना पड़ेगा।

गार्डन चौक
गार्डन चौक गणेशोत्सव समिति चौक पर भव्य मूर्ति स्थापित करती है। आयोजन में 3 से 4 लाख रुपए खर्च आता है। समिति के प्रमुख संकेत शुक्ला ने बताया कि इस बार नियमों के चलते उत्सव में सावधानी का पालन किया जाएगा। छोटी मूर्ति ही स्थापित करेंगे।

गांधी चौक
गांधी चौक गणेशोत्सव समिति के प्रमुख सदस्य संदीप गुप्ता ने बताया कि पूरे आयोजन में 4 से 5 लाख रुपए खर्च करते हैं। विशाल मूर्ति स्थापित की जाती थी और विसर्जन भी किया जाता था मगर इस बार कोरोना के चलते नियमों की बाध्यता है इसलिए इस बार छोटी मूर्ति बैठाएंगे

प्रशासन की गाइडलाइन ने समितियों को दुविधा में डाला
जिले में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए गणेशोत्सव के संबंध में प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के बाद गणेश समितियां सोच में पड़ गई हैं। इस साल प्रतिमा स्थापित की जाए या नहीं क्योंकि अगर कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है, तो इलाज का पूरा खर्चा मूर्ति स्थापित करने वाले समितियों या आयोजक सदस्यों को देना होगा। वहीं आयोजन समितियों को 4 फीट से ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति को एक रजिस्टर मेंटेन करना होगा जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा। मूर्ति स्थापित करने वाली समितियों को 4 सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे, बिना मास्क के मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने की अनुमति समितिया नहीं देंगी।

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