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मन से त्यागें मृत्यु भोज:आगे आने लगे समाज, बैठकों और सम्मेलनों में प्रस्ताव पास कराने की तैयारी

बलौदाबाजार10 महीने पहले
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मृत्यु भोज यानी दुःख में डूबे परिवार के यहां सैकड़ों लोगों का समागम लेकिन कोरोना के कारण लॉकडाउन के दौरान इस कुप्रथा पर अघोषित रूप से ब्रेक लग गया। सोशल डिस्टेंसिंग के कारण अभी भी चंद लोगों की मौजूदगी में सादगी से सभी कर्मकांड हो रहे हैं। 
कई समाज भी इस मामले में पहल भी कर रहे हैं। भास्कर ने इस खर्चीली प्रथा पर विराम लगाने की दिशा में समाजों से आगे आने की पहल की थी जिसे क्षेत्र के लोगों का कापी समर्थन मिला। 
समाजिक बदलाव का यह बेहतर मौका है : धनंजय
साहू समाज मृत्यु भोज के आयोजन में सामाजिक बाध्यता को पहले ही समाप्त कर चुका है, शोकाकुल परिवार के निर्णय पर निर्भर है कि वह आयोजन कराए या न कराए। मगर अब समाज इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। बलौदाबाजार जिला साहू समाज के अध्यक्ष धनंजय साहू का कहना है कि जिला साहू समाज की आगामी बैठक में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए प्रस्ताव लाया जा रहा है।

केसरवानी समाज भी प्रस्ताव पास करेगा : नरेश
शहर के केसरवानी समाज के अध्यक्ष नरेश केसरवानी ने बताया कि हमारे पूर्वज भी मृत्युभोज के पक्षधर नहीं थे, हमने समाज के सभी वर्गों के लोगों को मृत्युभोज की सामग्री के लिए भटकते देखा है। केसरवानी वैश्य महासभा (राष्ट्रीय) ने पहले ही मृत्यु भोज बंद कर दिया है। समाज ने भी 25 साल से मृत्यु भोज को ऐच्छिक किया है मगर अब आगामी बैठक में मृत्यु भोज को पूरी तरह बंद करने का प्रस्ताव लाकर इस प्रथा को बंद कर दिया जाएगा।

नामदेव समाज से सामाजिक बंधन खत्म: भरत नामदेव
शहर के नामदेव समाज के संरक्षक भरत नामदेव ने बताया कि समाज में ऐच्छिक रूप से ही मृत्यु भोज का आयोजन कराया जाता है। सामाजिक बंधन को पहले ही खत्म कर दिया गया है, इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। वहीं समाज के प्रमुख योगेश नामदेव ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि समाज के आगामी संत नामदेव जयंती सम्मेलन में आपसी सहमति बनाकर इस कुप्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली गई है। 

ब्राह्मण समाज भी आगे आया : अरविंद
शहर ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अरविंद शुक्ला का कहना है कि भास्कर की पहल समाज के लिए अच्छा संकेत है। इससे उन गरीबों को हिम्मत मिली है, जो ऐसा करने और इतने लोगों का भोज कराने में समक्ष नहीं हैं। अगली मासिक बैठक में इस संबंध में समाज के वरिष्ठ लोगों की सहमति से इस कुप्रथा को बंद करने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी की सहमति से उम्मीद है बंदिश लग जाएगी।

आयोजन सीमित हो
कुछ ने कहा परंपरा का पालन होना चाहिए लेकिन आयोजन सीमित होना चाहिए, तो कुछ ने कहा मृत्यु भोज बंद होना चाहिए। 

डाॅ. निशा झा, अध्यक्ष, ब्राह्मण महिला समाज बलौदाबाजार, चन्द्रकिरण शर्मा, सचिव, गौड ब्राह्मण समाज बलौदाबाजार, प्रतिभा देवांगन, तर्री नवापारा, रायपुर, दिनेश पाल, ग्राम डोंगरिया, विकासखंड सिमगा, योगी साहू, ग्राम बुचीपार, विकासखंड सिमगा, संतोष कुमार सेन, भाटापारा, दीपक कुमार निषाद, ग्राम जरौद, विकासखंड भाटापारा, गणेशदास मानिकपुरी, हथबंद, विकासखंड सिमगा, कोमल साहू, अर्जुनी, विकासखंड भाटापारा।

पलारी क्षेत्र में 1100 से अधिक का समर्थन
भास्कर द्वारा चलाए गए अभियान मन से त्यागे मृत्यु भोज को सभी वर्गों का समर्थन मिला। इसे लेकर वाट्सपस पर करीब 1100 लोगों के मैसेज और फोन कॉल्स आए,जिसमें सभी ने इस कुप्रथा को हमेशा के लिए बंद करने की बात कही। अभियान के समर्थन में आए प्रमुख व समान विचारों को हम पाठकों समक्ष रख रहे हैं। सभी का नाम छापना संभव नहीं है पर कुछ नाम हम जरूर प्रकाशित कर रहे हैं। साहू समाज के तहसील अध्यक्ष रोहित साहू ने कहा कि जब समाज की बैठक होगी तब समाज प्रमुखों के बीच इस विचार को जरूर रखा जाएगा। वहीं सतनामी समाज के युवा प्रदेश अध्यक्ष मोहन बंजारे ने कहा कि मृत्यु भोज की परंपरा को बंद करना उचित है और ऐसे आयोजन को प्रतिबंधित करने वे समाज में अपनी बात रखेंगे।

इन लोगों ने भी प्रथा को बंद करने की अपील की
आरके वर्मा जिला शिक्षा अधिकारी, एचएल आडिल मुख्य कार्यपालन अभियंता, कुणाल पांडेय नायब तहसीलदार, खोडस कश्यप, यशवर्धन मोनू  अध्यध नगर पंचायत, जितेंद वर्मा, हितेंद्र ठाकुर, देवेंद्र साहू डंडी गुरुजी, पवन  बघेल, नदनीय, आरके वर्मा, रोशन साहू, मुकेश साहू, संदीप बघेल, ब्रजभान सिंह, चंद्रकांत वर्मा, सोनाली डे, हुलाश, उमेश, दीपेश, राजेश वर्मा, सोमी, ओमप्रकाश वर्मा, पुरुषोत्तम सिंह, कमल कुमार चन्दवंशी, जीत्तू, डोमार, जगदीश पटेल, मालिक देवांगन, थानेश्वर पटेल, कमलनारायण राजपूत, डॉ. बीएस धुव्र, ताजेंद्र कनोजे, राजकुमार सेन।

वॉट्सएप करें
यदि समाज और संगठन इस कुप्रथा को पूरी तरह बंद करने के लिए सहमत हैं तो पदाधिकारी समाज की सहमति हमें वॉट्सएप पर भेज सकते हैं। हम आपकी सहमति को प्रकाशित करेंगे जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके। जो पदाधिकारी नहीं हैं वे भी अपनी राय दे सकते हैं। मृत्यु भोज में शामिल नहीं होने का निर्णय लेने वाले भी सिर्फ सहमत लिखकर आप हमें 9826771001 (बलौदाबाजार), 9584338000 (पलारी) पर वॉट्सएप भेज सकते हैं।

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