ये कैसी व्यवस्था:काेराेना जांच के नाम पर गर्भवती काे नहीं किया भर्ती; अस्पताल के बरामदे में हुआ प्रसव, इधर एंबुलेंस के अंदर ही एक की मौत

बरगढ़6 महीने पहले
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वतर्मान समय में कोरोना की भयावहता बढ़ती ही जा रही है। कोरोना के कारण स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। वहीं बरगढ़ अस्पताल में गत दिवस एक गर्भवती महिला का प्रसव बरामदे में हाे गया, क्याेंकि व्यवस्था के ताैर पर उसे प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती करने से पहले कोरोना जांच कराना था। लेकिन जांच हो पाती उससे पहले ही महिला ने अस्पताल परिसर के बरामदे में ही एक बच्चे को जन्म दे दिया।

वहीं एंबुलेंस से गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे मरीज ने भी कोरोना जांच के इंतजार में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। ऐसी अमानवीय लापरवाही के कारण लोगों में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों के प्रति लोगों में असंतोष देखा गया है।

नहीं मिली किसी की मदद

सोमवार की रात धांगेर गांव की एक गर्भवती महिला प्रसव वेदना के चलते बरगढ़ डीएचएच पहुंची। सुरक्षाकर्मियों ने बिना कोविड जांच रिपोर्ट के महिला को भीतर घुसने नहीं दिया। इसी दौरान उसकी प्रसव पीड़ा बढ़ गई और बरामदे में ही प्रसव हो गया। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों ने प्रसूति महिला के शरीर को चादर से ढंका और चिकित्सक को आवाज लगाते रहे। लेकिन कोविड के नियमों व भय के कारण कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। हालांकि जानकारी के अनुसार प्रसव के बाद नवजात व प्रसूती स्वस्थ रहीं।

इधर, सीडीएमओ अरूण कुमार पात्र का कहना है कि हमें दोनों ही मामलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वही पदमपुर अंचल के एक व्यक्ति को उसके परिवार वालो ने गत सोमवार को कोविड अस्पताल में भर्ती करवाया था। इलाज के दौरान मौत के बाद परिजन शव की मांग करते रहे लेकिन प्रबंधन का शव नहीं दिया।

कोरोना जांच के इंतजार में ही मरीज की मौत

इसी तरह कोरोना जांच के इंतजार में एक मरीज की मौत हो गई। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाउसेनमुरा गांव से इलाज के लिए एक मरीज का अस्पताल लाया गया था लेकिन उसे भी कोविड जांच के नाम अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। ऐसे में मरीज का इलाज नहीं मिला और उसने एंबुलेंस के भीतर ही दम तोड़ दिया। इसी तरह एक अन्य मरीज डायलिसिस कराने के लिए अस्पताल में भटकते रहा।

आम लोगों को काफी परेशानी हो रही

बरगढ़ के नए डीएचएच के सामने स्थित एमसीएच बिल्डिंग में कोविड अस्पताल खोला गया है, लेकिन पुराने डीएचएच सहित हाटपदा व रेलवे स्टेशन पीएचसी में कोरोना टेस्टिंग व कोविड टीकाकरण की वजह से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं शहर के 4 निजी अस्पतालों को कोरोना इलाज की अनुमति मिली है।

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